मुख्य बातें
Attack on BLO in Bengal: मालदा: SIR के दौरान बंगाल के मालदा इलाके में हिंसक झड़प हुई है. मालदा के चंचल थाना इलाके में एक बीएलओ पर हमला हुआ है. आरोप है कि हमलावारों ने कॉलर पकड़कर बीएलओ को खींचा. बीएलओ को बचाने गये उसके भांजे के सिर पर पत्थर से हमला किया. हमले में घायल बीएलओ के भांजे के सिर में गंभीर चोट आयी है. इस घटना से मालदा के चंचल में भारी तनाव है. हमलावर की पहचान कांग्रेस की पूर्व पंचायत सदस्य के रूप में हुई है. बीएलओ ने पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है. कांग्रेस नेता सजेदा और उसके भाई रबीउल इस्लाम, पति हुसैन अली और मेहदी हुसैन पर प्राथमिकी दर्ज की गयी है. कांग्रेस नेता सजेदा ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है. पूरी घटना के सामने आते ही जिले में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई.
हमलावर सुनवाई की नोटिस मांग रहे थे
मालदा के चंचल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत खरबा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 193 पर शनिवार को हिंसक झड़प हो गयी. चंचल ब्लॉक 1 के खरबा ग्राम पंचायत के बूथ नंबर 193 के प्रभारी बीएलओ अनीसुर रहमान पर एक परिवार के कुछ लोगों ने हमला कर दिया. आरोप है कि वह उस बूथ में एक परिवार को सुनवाई का नोटिस नहीं दे सका था, क्योंकि वे उस क्षेत्र में नहीं रहते थे. पूर्व पंचायत सदस्य सजेदा बेवा और उनके परिवार ने बीएलओ से नोटिस मांगा. बीएलओ का दावा है कि उन्होंने उन्हें बताया था कि वे नोटिस उस व्यक्ति को दे देंगे, जिसे यह मिलना चाहिए. बीएलओ के इनकार के बाद साजेदा और उसके भाई रबीउल इस्लाम, पति हुसैन अली और मेहदी हुसैन के परिवार के सदस्यों ने बीएलओ पर हमला किया. आरोप है कि बीएलओ को बचाने की कोशिश करने गये उसके भांजे के सिर पर ईंट से हमला किया. उसका सिर फोड़ दिया. घायल युवक नूरुल इस्लाम का इलाज चंचल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा है.
तृणमूल ने हमले की निंदा की
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना की निंदा की है. पार्टी नेता ने कहा है कि निर्दोष बीएलओ पर ऐसे हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. चंचल तृणमूल ब्लॉक के अध्यक्ष शेख अफसर अली ने कहा- तृणमूल बीएलओ के साथ है. हम आपको आश्वस्त करते हैं. आरोपी से संपर्क करने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. दूसरी ओर, कांग्रेस ने मारपीट के आरोपों का खंडन किया है. कांग्रेस का दावा है कि यह नेताओं के बीच गांव के विवाद की घटना थी और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. कांग्रेस नेता ने कहा- हमने अपनी पार्टी के पूर्व सदस्यों की सूची लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन बीएलओ ने हमारी बात नहीं सुनी. यह घटना सड़क विवाद के कारण हुई. दो अलग-अलग घटनाओं को आपस में मिलाया जा रहा है.
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