वरिष्ठों व दिव्यांगों को दुर्गापूजा पंडाल दिखाने के लिए इंतजाम

शहर स्थित सांस्कृतिक संगठन ‘मासआर्ट’ द्वारा शुरू की गयी इस पहल से आगंतुकों को सामान्य उत्सवी भीड़ के बिना इन दुर्गा पंडालों को देखने का अवसर मिलेगा.

18-22 सितंबर तक दुर्गापूजा अवलोकन कार्यक्रम की घोषणा कोलकाता. वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग आगंतुकों को त्योहार से पहले कोलकाता के 24 सबसे प्रतिष्ठित दुर्गापूजा पंडालों की शोभा देखने का एक विशेष अवसर मिलेगा. इन लोगों के लिए आयोजकों ने 18-22 सितंबर तक दुर्गापूजा अवलोकन कार्यक्रम की घोषणा की है. शहर स्थित सांस्कृतिक संगठन ‘मासआर्ट’ द्वारा शुरू की गयी इस पहल से आगंतुकों को सामान्य उत्सवी भीड़ के बिना इन दुर्गा पंडालों को देखने का अवसर मिलेगा. साथ ही अलीपुर जेल संग्रहालय में राज्य के कारीगरों द्वारा बनायी गयी हस्तनिर्मित कलाकृतियों की एक प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी. ‘मासआर्ट’ के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि प्रत्येक कलाकृति भाग लेने वाले पूजा पंडालों के विषय से प्रेरित होगी. वर्ष 2025 के पूजा पूर्व कार्यक्रम में यूनेस्को और आइआइटी खड़गपुर के सहयोग से तैयार किया गया एक विशेष कार्यक्रम शामिल है. प्रवक्ता ने कहा, ‘इस वर्ष, दुर्गापूजा समारोहों के लिए सुगम्यता एक प्रमुख प्राथमिकता बनकर उभरी है. यूनेस्को के अनुरोध पर, पश्चिम बंगाल सरकार त्योहार को और अधिक समावेशी बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए.’ उन्होंने कहा कि शहर के घनी आबादी वाले पंडालों में घूमना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि भीड़ और सीमित बुनियादी ढांचे के कारण पहुंच में बाधाएं उत्पन्न होती हैं. 24 पंडालों में काशी बोस लेन, हिंदुस्तान रोड, हाथीबागान सर्बोजोनिन, संतोषपुर लेक पल्ली, केंदुआ शांति संघ पाटुली, 75 पल्ली, चलता बागान जैसे लोकप्रिय पूजा पंडाल शामिल हैं. मासआर्ट’ के सहयोग से, इंडिया ऑटिज्म सेंटर पूर्वावलोकन अवधि के दौरान लगभग 450 ऑटिस्टिक बच्चों और युवाओं को इन पंडालों में आने की सुविधा भी प्रदान करेगा.

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By GANESH MAHTO

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