खास बातें
ADR Report West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का शोर थमने के बाद अब आंकड़ों के विश्लेषण ने सियासी गलियारों में नयी बहस छेड़ दी है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट ने चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों की जीत के आधार पर बड़े सवाल खड़े कर दिये हैं.
60 फीसदी लोगों ने जिसे वोट नहीं दिया, वो जीता
रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल की नयी विधानसभा में बैठने वाले लगभग 40 प्रतिशत माननीय ऐसे हैं, जिन्हें उनके अपने क्षेत्र के आधे मतदाताओं का भी समर्थन (50 प्रतिशत से कम वोट) प्राप्त नहीं हुआ. यानी एक बड़ी आबादी ने उन्हें वोट नहीं दिया, फिर भी ‘फर्स्ट पास्ट द पोस्ट’ सिस्टम के चलते वे विधायक बन गये.
रिकॉर्ड वोटिंग पर जनादेश का गणित
एडीआर ने 294 सीटों वाली विधानसभा में से 293 सीटों का गहन विश्लेषण किया है. रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं.
- वोट शेयर का गणित : कुल 118 प्रत्याशी (40 प्रतिशत) ऐसे रहे, जो 50 प्रतिशत से कम वोट पाकर भी सदन पहुंचने में सफल रहे. केवल 175 उम्मीदवारों (60 प्रतिशत) ने ही आधे से अधिक मतों का आंकड़ा पार किया.
- बम्पर वोटिंग : इस बार बंगाल में 93.7 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो वर्ष 2021 के 82.3 प्रतिशत के मुकाबले ऐतिहासिक है.
- प्रतिनिधित्व का संकट : विजयी उम्मीदवार औसतन कुल पंजीकृत मतदाताओं के मात्र 47.20 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं. यानी आधे से ज्यादा रजिस्टर्ड वोटर या तो उनके खिलाफ थे या उन्होंने वोट नहीं दिया.
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दागी और करोड़पति उम्मीदवारों का दम
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और उनकी जीत के बीच के संबंध को लेकर हुआ है.
अपराधियों का स्ट्राइक रेट : जिन 191 विजयी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज थे, उनमें से 63 प्रतिशत (121 नेता) ने 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट पाकर जीत हासिल की. इनमें से 107 दागियों ने ‘बेदाग’ छवि वाले प्रतिद्वंद्वियों को धूल चटायी.
धनबल का भी दिखा प्रभाव : 179 करोड़पति विजेताओं में से 62 ने ऐसे उम्मीदवारों को हराया, जो करोड़पति नहीं थे. यह आंकड़ा राजनीति में बढ़ते धनबल के प्रभाव को साफ दर्शाता है.
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शिखा चटर्जी ने रचा इतिहास
महिलाओं के प्रदर्शन पर भी रिपोर्ट में रोशनी डाली गयी है. कुल 293 विजेताओं में केवल 37 महिलाएं हैं. डाबग्राम-फूलबाड़ी से भाजपा की शिखा चटर्जी महिला विजेताओं में सुपरस्टार बनकर उभरीं. उन्होंने सबसे ज्यादा 66 प्रतिशत वोट हासिल किये और उनकी जीत का अंतर भी 39 प्रतिशत रहा. रिपोर्ट में शामिल सभी 37 महिला विधायकों को 35 प्रतिशत से अधिक वोट मिले हैं, जो उनकी मजबूत पकड़ को दिखाता है.
ADR Report West Bengal Election 2026: क्यों है यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण?
यह रिपोर्ट बताती है कि बंगाल में त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबलों के कारण वोट बंट जाते हैं, जिसका फायदा कम लोकप्रिय उम्मीदवारों को भी मिल जाता है. साथ ही, दागियों की जीत का उच्च प्रतिशत यह संकेत देता है कि मतदाता छवि से ज्यादा दल या अन्य समीकरणों को प्राथमिकता दे रहे हैं. एडीआर की इस रिपोर्ट ने चुनावी सुधारों की आवश्यकता को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है.
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