लोगों की सोच बदलने की जरूरत : राज्यपाल

कोलकाता. लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने से ही स्वच्छ भारत अभियान सफल हो सकता है. इसके लिए लोगों की सोच बदलने की जरूरत है. कलकत्ता विश्वविद्यालय के अलीपुर कैंपस में पश्चिम बंगाल फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (बेवफूना) की ओर से ‘क्लीन वाटर एंड सेनिटेशन’ पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के उदघाटन के अवसर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 4, 2016 1:10 AM
कोलकाता. लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने से ही स्वच्छ भारत अभियान सफल हो सकता है. इसके लिए लोगों की सोच बदलने की जरूरत है. कलकत्ता विश्वविद्यालय के अलीपुर कैंपस में पश्चिम बंगाल फेडरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (बेवफूना) की ओर से ‘क्लीन वाटर एंड सेनिटेशन’ पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार के उदघाटन के अवसर पर राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत मिशन भी लोगों को स्वच्छ पेयजल व शौचालय मुहैया कराने का ही प्रयास है.

गरीबी रेखा ने नीचे रहनेवालों के जीवन स्तर में परिवर्तन के लिए बेवफूना के प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की. इस अवसर पर बेवफूना के चेयरमैन व बेलारूस के मानद राजदूत सीताराम शर्मा ने जल प्रदूषण को भारत की सबसे बड़ी समस्या बतायी.

उन्होंने यूनीसेफ की अोर से चलाये जा रहे शौचागार अभियान के बारे में जानकारी दी. जिसे जिला प्रशासन के सहयोग से पूरे भारत में पिछले 15 वर्षों से चलाया जा रहा है. इस कार्यक्रम के अन्य विशिष्ट अतिथियों में यूएस कौंसुल जनरल जोनाथन टी वार्ड, कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आशुतोष घोष, सांसद सौगत राय, राजीव माहेश्वरी, कुसुम मुसद्दी, चैताली दास आदि प्रमुख थे. कार्यक्रम के अंत में कलकत्ता विश्वविद्यालय के विदेश नीति अध्ययन के प्रभारी प्राचार्य व संयोजक प्रो शांतनु चक्रवर्ती ने धन्यवाद ज्ञापन किया.