जिस घर में नारी पूज्य है वहां देवता विचरण करते हैं : विशोकानंद

कोलकाता. निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंदजी महाराज के श्रीमुख से सत्संग भवन में श्रीमद देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में समाजसेवी अरुण गुप्ता, समृद्ध गुप्ता,एवं श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया. स्वामी विशोकानंदजी ने अपने प्रवचन में कहा कि देवी भागवत कथा श्रवण करने से पुरुष में देवत्व और नारी में देवी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 9, 2016 7:37 AM
कोलकाता. निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंदजी महाराज के श्रीमुख से सत्संग भवन में श्रीमद देवी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में समाजसेवी अरुण गुप्ता, समृद्ध गुप्ता,एवं श्रद्धालु भक्तों ने व्यास पीठ का पूजन किया. स्वामी विशोकानंदजी ने अपने प्रवचन में कहा कि देवी भागवत कथा श्रवण करने से पुरुष में देवत्व और नारी में देवी के गुणों की प्रतिष्ठा होती है.
यत्र नार्यस्तु पूज्यते, रमन्ते तत्र देवता, जिस घर में देवी – नारी पूज्य है उस घर में देवता विचरण करते हैं, सुख समृद्धि रहती है. भारतीय नारी देवी उपासना से देवी की क्रिया शक्ति, पालन शक्ति और ज्ञान शक्ति को अर्जित कर सही रूप में धर्मपत्नी की भूमिका निर्वाह कर सकती है. स्वामी विशोकानंदजी ने कहा कि माता अनसुइया ने देवी की उपासना से ब्रह्मा, विष्णु, महेश को वशीभूत किया था. सती सावित्री ने यमराज की व्यवस्था में दखल कर अपने सतीत्व के बल पर अपने पति के प्राणों की रक्षा की.
भगवान शंकर ने मानव कल्याण उपयोगी साधन अन्नपूर्णा को समर्पित कर भगवती को सुयश दिया. सत्संग भवन के ट्रस्टी पंडित लक्ष्मीकांत तिवारी ने चातुर्मास में देवी भागवत कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का अनुरोध किया. समाजसेवी रामेश्वरलाल भट्टड़, लालजी मिश्र, अशोक तिवारी, मुकेश शर्मा, देवेंद्र वाजपेयी, राजू शर्मा, उमाशंकर पांडेय एवं श्रद्धालु भक्तों ने पूजन एवं सामूहिक आरती की.