आखिर कब जागेंगे हम ?

महानगर के लोगों को ट्रैफिक कानून के प्रति सचेत करने के लिए एक से बढ़ कर एक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. हालांकि सड़क सुरक्षा सप्ताह के तीसरे दिन कोलकाता पुलिस के कुछ सदस्य खुद खुलेआम ट्रैफिक नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन करते देखे गये. लोगों के मुताबिक, कहीं ना कहीं इसके लिए पुलिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 11, 2016 3:34 AM
महानगर के लोगों को ट्रैफिक कानून के प्रति सचेत करने के लिए एक से बढ़ कर एक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं. हालांकि सड़क सुरक्षा सप्ताह के तीसरे दिन कोलकाता पुलिस के कुछ सदस्य खुद खुलेआम ट्रैफिक नियमों का धड़ल्ले से उल्लंघन करते देखे गये.
लोगों के मुताबिक, कहीं ना कहीं इसके लिए पुलिस प्रशासन ही जिम्मेदार है. उनका कहना है कि फुटपाथ पर हॉकरों का बढ़ता कब्जा और सड़क पर अवैध पार्किंग के कारण ही लोग जान जोखिम में डाल कर सड़क पर चलने को मजबूर होते हैं. कोलकाता ट्रैफिक पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महानगर में हाजरा रोड, पार्क सर्कस क्रॉसिंग, डोरिना क्रॉसिंग, इकबालपुर रोड क्रॉसिंग तथा चिड़ियामोड़ क्रॉसिंग पर सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. इन सब के बावजूद सवाल वही बना रह जाता है कि आखिर हम कब सुधरेंगे.