सेना के तैराकों ने बनाया विश्व रिकार्ड

कोलकाता. सेना के तीनों अंगों की ‘गंगा आवाहन’ टीम ने 43 दिनों के भीतर 2300 किलोमीटर की तैराकी कर विश्व रिकार्ड बनाया. शहरी विकास मंत्रालय के समर्थन से इस यात्रा का शुभारंभ आठ अक्तूबर को हुआ था. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत के विजन को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए पूरी गंगा को देवप्रयाग, उत्तराखंड से […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 24, 2015 7:55 AM
कोलकाता. सेना के तीनों अंगों की ‘गंगा आवाहन’ टीम ने 43 दिनों के भीतर 2300 किलोमीटर की तैराकी कर विश्व रिकार्ड बनाया. शहरी विकास मंत्रालय के समर्थन से इस यात्रा का शुभारंभ आठ अक्तूबर को हुआ था. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत के विजन को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए पूरी गंगा को देवप्रयाग, उत्तराखंड से लेकर गंगा सागर, पश्चिम बंगाल तक तैर कर पार करने का एक भगीरथ उदाहरण जवानों ने प्रस्तुत किया.

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के नेशनल मिशन डायरेक्टर प्रवीण प्रकाश ने कहा : मैं जागरूकता के सृजन एवं ‘स्वच्छ भारत’ के संदेश के प्रचार के लिए इस प्रेरणादायी यात्रा के पूर्ण होने पर टीम को बधाई देता हूं. यह अभियान ‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ के संदेश का वास्तविक प्रतिबिंबन है. वर्तमान समय में समूचे देश में संचालित एक थीम आधारित पहल के साथ इस अभियान ने नागरिकों को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य की महत्ता को समझा कर उनमें एकता एवं उत्तरदायित्व का बोध उत्पन्न किया है. इसके पूर्ण होने पर टीम को इस भगीरथी प्रयत्न के लिए जीओसी-इन-चीफ, पूर्वी कमांड, ले जनरल प्रवीण बक्शी, एवीएसएम, वीएसएम, द्वारा फोर्ट विलियम में सम्मानित किया गया.

टीम गंगा आवाहन के प्रमुख विंग कमांडर परम वीर सिंह ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन हमारे देश की सबसे पवित्र पहलों में से एक है, इसमें हम सभी अपने आसपास के स्थानों की सफाई कर अपना योगदान दे सकते हैं. इस यात्रा के दौरान हमने 30,000 लोगों से मुलाकात की एवं इनमें से प्रत्येक ने इस मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया. इस टीम का संचालन विंग कमांडर परमवीर सिंह ने किया, जिसमें सर्जेंट गुलूपिल्ली नराहरी एवं सर्जेंट सरिपिल्ली श्रीहरि सह तैराक के तौर पर शामिल थे, इन्होंने उत्तराखंड के देवप्रयाग से अपनी यात्रा शुरू की थी और गंगा सागर पहुंचने के पहले ये लोग हरिद्वार, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी एवं पटना में ठहरे. इस अभियान के दौरान इस टीम ने हजारों लोगों से संपर्क किया एवं इस मिशन के समर्थन हेतु ‘स्वच्छ भारत’ के संदेश का प्रचार किया.