34 दिनों से यूनानी मेडिकल कॉलेज में हड़ताल

कोलकाता : पूर्वी भारत के एकमात्र कलकत्ता यूनानी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के स्टाफ व छात्र सरकारी अधिग्रहण की मांग पर 34 दिनों से लगातार हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार कोई सुध नहीं ले रही है. जोड़ा गिरिजा क्षेत्र में मंजिली बिल्डिंग में स्थित इस कॉलेज में 200 छात्र, 31 शिक्षक व 70 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 9, 2015 7:09 AM

कोलकाता : पूर्वी भारत के एकमात्र कलकत्ता यूनानी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के स्टाफ व छात्र सरकारी अधिग्रहण की मांग पर 34 दिनों से लगातार हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार कोई सुध नहीं ले रही है. जोड़ा गिरिजा क्षेत्र में मंजिली बिल्डिंग में स्थित इस कॉलेज में 200 छात्र, 31 शिक्षक व 70 गैर शिक्षक कर्मचारी हैं. लगभग 100 बेड हैं. इस कॉलेज को सरकारी मदद प्राप्त है और लंबे समय से सरकारी अधिग्रहण की मांग की जा रही है.

कॉलेज के उप अधीक्षक डॉ दानिश जफर ने बताया कि वाम मोरचा शासन के दौरान 19 मार्च, 2010 को विधानसभा में कॉलेज के अधिग्रहण के लिए विधेयक पारित हुआ. राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेज दिया गया था. आयुश मंत्रालय व श्रम मंत्रालय ने मंजूरी दे दी, लेकिन कानून मंत्रालय ने एनओसी देने से इनकार कर विधेयक को राज्य को वापस भेज दिया. विवाद इस बात पर था कि कार्यरत कर्मचारियों को मुआवजा अधिग्रहण के बाद से दिया जाये या जब से नौकरी कर रहे हैं तब से. 2011 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में नयी सरकार आयी. चंद्रिमा भट्टाचार्य के बाद वर्तमान में अाशीष बनर्जी आयुष मंत्री हैं. वे लोग लगातार कॉलेज के अधिग्रहण की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उदासीन है और उन लोगों की मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है.

इस संबंध में स्थानीय सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय का भी ध्यान आकर्षित किया गया था. वे लोग 2012 में 18 दिनों तक हड़ताल की थी. बाद में श्री बंद्योपाध्याय के आश्वासन के बाद हड़ताल वापस ले ली गयी थी, लेकिन उसके बाद से कुछ भी नहीं हुआ है. वे लोग निराश होकर हड़ताल कर रहे हैं. वे तीन सितंबर से हड़ताल पर हैं, लेकिन 34 दिनों की हड़ताल के बावजूद कोई भी सुध लेनेवाला नहीं है. कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ मोहम्मद आयूब ने बताया कि वे लोग अन्य मेडिकल कॉलेजों की तरह ही काम कर रहे हैं और रोगियों की तादाद भी अन्य अस्पतालों की तरह है. फिर भी उन लोगों को अन्य मेडिकल कॉलेजों की तर्ज पर न तो वेतन मिल र है और न ही सुविधाएं. वे लंबे समय से कॉलेज के सरकारी अधिग्रहण की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उदासीन है. बीच में आयुष मंत्री आशीष बनर्जी से बात भी हुई थी, लेकिन आश्वासन के सिवा वे लोग कुछ भी नहीं कर रहे हैं. इससे वे लोग हताश हैं और हड़ताल करने को बाध्य हैं.

मंत्री ने की हड़ताल वापस लेने कीअपील
आयुष मामलों के मंत्री आशीष बनर्जी ने यूनानी मेडिकल कॉलेज के स्टाफ व छात्रों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है. उन्होंने कहा कि इसके पहले वहां से स्टाफ व छात्रों से बात की थी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन लोगों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्ण विचार कर रही है. मामला विचाराधीन है. ऐसी स्थिति में हड़ताल करने का कोई अर्थ नहीं है. उन्होंने बीच में हड़ताल कर रहे लोगों से बातचीत भी की थी, लेकिन अब तक वे हड़ताल जारी रखे हुए हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. वह फिर से अपील करते हैं कि वे हड़ताल वापस ले लें और बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान करें.