नेताजी सुभाष चंद्र बोस संबंधी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग हुई तेज, हाइकोर्ट ने केंद्र से मांगा स्पष्टीकरण
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कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र के लापता होने मामले की जांच के लिए बने सिक्रेट फाइल के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश एके बनर्जी व न्यायाधीश शिवकांत प्रसाद ने मामले की सुनवाई के दौरान असंतोष जताते हुए कहा कि समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों केंद्र सरकार […]
कोलकाता. कलकत्ता हाइकोर्ट ने नेताजी सुभाष चंद्र के लापता होने मामले की जांच के लिए बने सिक्रेट फाइल के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है. कलकत्ता हाइकोर्ट के न्यायाधीश एके बनर्जी व न्यायाधीश शिवकांत प्रसाद ने मामले की सुनवाई के दौरान असंतोष जताते हुए कहा कि समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों केंद्र सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस संबंधी फाइलों को सार्वजनिक नहीं करना चाहती है, जबकि केंद्रीय सूचना आयोग ने वर्ष 2007 में ही इन फाइलों को सार्वजनिक करने का आदेश दे दिया था.
गौरतलब है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रहस्यमय तरीके से लापता होने की मुखर्जी आयोग ने रिपोर्ट पेश की थी. इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए हाइकोर्ट में कोलकाता की एनजीओ इंडियाज स्माइल ने जनहित याचिका दायर की थी.
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट के न्यायाधीश ने केंद्र सरकार से सुभाष चंद्र बोस से संबंधित फाइलों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है और कहा है कि आखिर किन कारणों से इन फाइलों को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है. इसके बारे में बताना होगा. मामले के वकील कृष्णोंदु भट्टाचार्य ने बताया कि केंद्रीय सूचना आयोग के आदेश को केंद्र सरकार ने लागू नहीं किया है. अब हाइकोर्ट ने दो सप्ताह के अंदर केंद्र सरकार को रिपोर्ट पेश करने को कहा है.