राज्य में अल्पसंख्यकों के लिए कुछ काम नहीं हुआ : मौलाना शरीफ

कोलकाता. महानगर में मुसलमानों की सबसे बड़ी मसजिद नाखुदा के इमाम मौलाना शफीक कासमी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं उनकी सरकार को कटघड़े में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य के अल्पसंख्यकों के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया है. फुरफुरा शरीफ के तोहा सिद्दिकी के बाद मौलाना कासमी ने राज्य सरकार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 11, 2015 9:04 PM

कोलकाता. महानगर में मुसलमानों की सबसे बड़ी मसजिद नाखुदा के इमाम मौलाना शफीक कासमी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं उनकी सरकार को कटघड़े में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य के अल्पसंख्यकों के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया है. फुरफुरा शरीफ के तोहा सिद्दिकी के बाद मौलाना कासमी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अल्पसंख्यक भीख नहीं अपना अधिकार चाहते हैं. सरकार अल्पसंख्यकों के लिए ढेरों काम किये जाने का दावा करती है, पर सच्चाई कुछ और ही है. तृणमूल सरकार ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया है. यह सरकार भी वाम मोरचा सरकार की तरह अल्पसंख्यकों को बेवकूफ बना रही है. काम करने के बजाय केवल घोषणाएं हो रही हैं और सभाओं में दावे किये जा रहे हैं कि अल्पसंख्यकों के सभी काम मात्र तीन साल में ही पूरे कर दिये गये. तृणमूल सरकार पर अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए नाखुदा मसजिद के इमाम ने कहा कि 12 मार्च को स्टाफ सेलेक्शन कमेटी (एसएससी) की काउंसिलिंग होनी है, पर इसमें अल्पसंख्यक समुदाय के एक भी छात्र को नहीं बुलाया गया है. मौलाना कासमी ने आरोप लगाया कि एसएससी के पैनल लिस्ट से अवैध रूप से अल्पसंख्यक युवकों के नाम हटा दिये गये हैं. उनके स्थान पर दूसरों को नौकरी दी जा रही है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस विषय पर अगर मुख्यमंत्री ने अविलंब ध्यान नहीं दिया तो निगम एवं विधानसभा चुनाव में सरकार को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.