संवाददाता, कोलकाता
भारतीय निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के 25 वरिष्ठ आइएएस और आइपीएस अधिकारियों को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया है. केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये अधिकारियों में, बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा और सीआईडी के महानिरीक्षक अखिलेश कुमार चतुर्वेदी शामिल हैं. बताया गया है कि पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपनी भूमिकाओं के लिए तैयारी करने हेतु अधिकारियों को पांच और छह फरवरी को नयी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र के लिए बुलाया गया है.
हालांकि, राज्य सरकार ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर केंद्रीय पर्यवेक्षकों की सूची में बदलाव की मांग की है और साथ ही आयोग द्वारा चयनित भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) के 15 अधिकारियों में से नौ के लिए वैकल्पिक नामों का प्रस्ताव भी दिया है. बताया गया कि जिन अधिकारियों के स्थान पर नये नाम सुझाये गये हैं, उनमें राज्य के गृह सचिव भी शामिल हैं. राज्य सरकार ने नौ आइएएस अधिकारियों के स्थान पर वैकल्पिक नाम भेजे हैं. लेकिन अब तक आयोग की ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया है. ऐसे में माना जा रहा है कि इन आइएएस व आइपीएस अधिकारियों को नयी दिल्ली में प्रशिक्षण के लिए जाना ही होगा.
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) प्रक्रिया के बीच यह कदम उठाया गया है. तृणमूल कांग्रेस और अन्य पार्टियों द्वारा कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूचियों से नाम गायब होने के आरोपों के बाद, आयोग इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए अतिरिक्त पर्यवेक्षकों को तैनात कर रहा है. इस सूची में बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा और सीआइडी के महानिरीक्षक अखिलेश कुमार चतुर्वेदी के अलावा, सूची में शामिल अन्य अधिकारियों में प्रधान सचिव (परिवहन) सौमित्र मोहन, हावड़ा के पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार त्रिपाठी और पंचायत एवं ग्रामीण विकास सचिव पी उलगानाथन शामिल हैं.
