ममता की सभा पर बनगांव उत्तर के विधायक विश्वजीत दास ने किया कटाक्ष
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नगर निकाय व विधानसभा चुनाव में मतुआ वोट के लिए अभी से विशेष जोर दे रही हैं. मतुआ समुदाय का सबसे अधिक वोट बनगांव और राणाघाट क्षेत्र में ही है. लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभा में मतुआ समुदाय को नागरिकता देने का आश्वासन दिया, जिसका फल लोकसभा चुनाव में दिखा.
दोनों ही सीटों पर भारी बहुमत से भाजपा के उम्मीदवारों की जीत हुई. वहीं दोनों सीटों पर पूरी तरह से विश्वास रखनेवाली तृणमूल को करारी हार मिली थी.
इस कारण से ही इस बार मतुआ वोट पाने के लिए अभी से कयास में जुटी हैं. इसका उदाहरण है मंगलवार को ममता बनर्जी की बनगांव की जनसभा. सभा में उन्होंने मतुआ समुदाय के अनुकूल ठाकुर से लेकर बड़ी मां वीणापाणि देवी ठाकुर से अपने रिश्ते की बखान की.
मंगलवार को बनगांव उत्तर के विधायक विश्वजीत दास ने यहां कहा कि ममता बनर्जी मतुआ वोट पाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन यहां उनकी दाल नहीं गलेगी. मतुआ वोट भाजपा के संग है और रहेगा, क्योंकि केंद्र सरकार इनके हित में है.
गौरतलब है कि सोमवार को बनगांव में भाजपा की अभिनंदन यात्रा के दौरान मुकुल राय ने कहा था कि कितना भी पुलिस प्रशासन का दम लगाकर देख लें, लेकिन बनगांव नगरपालिका भाजपा जीत कर ही रहेगी. मालूम हो कि पिछले लोकसभा चुनाव में बनगांव सीट पर भजपा के शांतनु ठाकुर अपने ही परिवार से तृणमूल की ममता ठाकुर को 1,11,594 वोटों से हराया था.
वहीं, राणाघाट सीट से भाजपा के जगन्नाथ सरकार ने तृणमूल की रुपाली विश्वास को 2,33,428 वोटों से हराया था. इन दोनों क्षेत्रों मेंकरीब सात-सात कुल 14 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिसे लेकर ममता बनर्जी को निकाय और विधानसभा दोनों की चिंता है. इस संबंध में मतुआ समुदाय से जुड़ीं व बनगांव सीट से तृणमूल उम्मीदवार रहीं पूर्व सांसद ममता बाला ठाकुर से बार-बार संपर्क करने पर भी बात नहीं हो पायी.
