कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस आंदोलन के नाम पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेगी. राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध की शुरुआत मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के नेतृत्व में हुई. धीरे-धीरे आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया है.
हर वर्ग के लोग विरोध में शामिल हो रहे हैं. आंदोलन का मुख्य उद्देश्य जनहित की रक्षा ही नहीं बल्कि संविधान की रक्षा भी है. कई जगहों पर आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाएं हुईं, जो सही नहीं है. आरोप के अनुसार भाजपा की नीति व फैसले जनता के हित में नहीं है, जिसका तृणमूल लगातार विरोध करेगी. उपरोक्त बातें राज्य के शहरी विकास मंत्री व कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने कही है.
वह रविवार को सीएए के खिलाफ तृणमूल छात्र परिषद की ओर से महानगर के रानी रासमणि एवेन्यू में दिये जा रहे धरना मंच पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने माकपा व अन्य वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे एनआरसी, सीएए व एनपीआर का विरोध केवल दिखावे के लिए कर रहे हैं. धरना में तृणमूल के अन्य नेता भी शामिल हुए.
