पीएम के बेलूड़ मठ में सभा करने पर भड़की कांग्रेस, तृणमूल ने भी जतायी नाराजगी

कोलकाता : प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने कहा कि बेलूड़ मठ हमारे देश का एक आध्यात्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि लोगों के मन में शक्ति व शिक्षा का स्थल है. अपने राजनीतिक जीवन में बहुत से राजनेताओं को बेलूड़ मठ जाते हुए देखा. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कई बार बेलूड़ आयी थीं, लेकिन नरेंद्र […]

कोलकाता : प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने कहा कि बेलूड़ मठ हमारे देश का एक आध्यात्मिक केंद्र ही नहीं, बल्कि लोगों के मन में शक्ति व शिक्षा का स्थल है. अपने राजनीतिक जीवन में बहुत से राजनेताओं को बेलूड़ मठ जाते हुए देखा.

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कई बार बेलूड़ आयी थीं, लेकिन नरेंद्र मोदी की तरह राजनीति करते किसी को नहीं देखा. बेलूड़ मठ का उन्होंने राजनीतिक तौर इस्तेमाल किया. ऐसा करके उन्होंने यहां की संस्कृति को कलुषित किया है.
जिस तरह से उन्होंने सीएए के पक्ष में भाषण दिया, वह अप्रत्यक्ष रूप से विवेकानंद का अपमान है. बंटवारे के समय गांधी जी ने सभी धर्म के लोगों को इस देश में रहने को कहा था, लेकिन नरेंद्र मोदी देश में विभाजन की राजनीति कर रहे हैं. इससे रामकृष्ण मिशन के कई भक्त नाराज हुए. इसके लिए मोदी को माफी मांगनी चाहिये.
वहीं तृणमूल नेताओं ने श्री मोदी के शनिवार की रात को बेलूड़ मठ में ठहरने व उनके दिये भाषण की आलोचना की गयी. राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने बेलूड़ मठ के स्थान को राजनीति के लिए इस्तेमाल किया है.
कथित तौर पर उन्होंने वहां संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) की बात कही. इससे ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा बस अपने राजनीतिक फायदे की बात ही सोचती है. इधर, तृणमूल सांसद महुआ मैत्र ने प्रधानमंत्री के बेलूड़ मठ में ठरहने की आलोचना करते हुए कहा कि सीएए पर सवाल उठने पर श्री मोदी ने मठ के मंच का इस्तेमाल किया.
पार्थ ने फिर की राज्यपाल की आलोचना
कोलकाता. राज्य के शिक्षा मंत्री व तृणमूल नेता पार्थ चटर्जी ने एक बार फिर राज्यपाल जगदीप धनखड़ की आलोचना की है. रविवार को बेहला में आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से मुखाबित हुए श्री चटर्जी ने कहा कि राज्यपाल हर एक मुद्दे पर बयान देने से नहीं चूकते हैं. यदि वे ऐसा नहीं करें तो उन्हें लोगों से और ज्यादा सम्मान मिलेगा.
आपको बता दें कि रविवार को कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए थे. कार्यक्रम के अतिथियों की सूची में नाम होने के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समारोह में शामिल नहीं हुईं. कथित तौर पर राज्यपाल ने इस पर दुख प्रकट किया था. इसी बारे में पूछे जाने श्री चटर्जी ने उपरोक्त बातें कही थीं.

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