कोलकाता : पश्चिम बंगाल में गुरुवार से गुटका व पान मसाला पर प्रतिबंध लागू हो जायेगा. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने 25 अक्तूबर को अधिसूचना जारी कर सात नवंबर 2019 से एक साल तक गुटका व पान मसाला के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी.
इस अधिसूचना के अनुसार तंबाकू व निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाले के निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इन पदार्थों पर अधिसूचना के अनुसार सात नवंबर से एक साल के लिए प्रतिबंध लगा रहेगा.
ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे-दो की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम बंगाल में 20.1 प्रतिशत लोग बिना धुआंवाले तंबाकू का उपयोग करते हैं. इनमें 22.8 प्रतिशत पुरुष और 17.2 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं.
इस दौरान तंबाकू व निकोटिन वाले गुटखा और पान मसाले के निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री पर रोक रहेगी. उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के खतरे को देखते हुए इस वर्ष गांधी जयंती पर राजस्थान में तंबाकू, निकोटीन, मैग्नीशियम कार्बोनेट और खनिज तेल वाले पान मसाले पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इसी तरह नेशनल टोबैको टेस्टिंग लेबोरेटरी की रिपोर्ट के बाद बिहार ने पान मसाला के 15 ब्रांडों के निर्माण, भंडारण, ढुलाई और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसी तरह से उत्तराखंड सरकार ने भी पिछले महीने तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाले पर प्रतिबंध लगा दिया है.
