कोलकाता : तत्काल टिकट के बाद दलालों की नजर वीआइपी कोटे यानी हाई ऑफिसियल (एचओ) कोटे पर लगी हुई है. एचओ कोटे पर कब्जा करनेवाले दलालों पर रेलवे नकेल कसने जा रही है.
इस कोटे पर सफर करने वाले यात्रियों से पूछताछ करने रेलवे अधिकारियों की टीम कभी भी ट्रेनों में पहुंच सकती है. इसके साथ ही संदेह होने पर कार्रवाई भी कर सकती है. रेल प्रशासन ने भी टिकट की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए विशेष टीम बनायी है.
मिली जानकारी के अनुसार रेलवे बोर्ड द्वारा अपने सभी जोन को निर्देश दिया गया है कि जोन मंडल स्तर पर रेलवे टिकटों की हो रही अवैध खरीद-परोख्त पर नजर रखें. रेलवे बोर्ड द्वारा कहा गया है कि स्पेशल टिकट चेकिंग में खासकर इमर्जेंसी कोटा की निगरानी हो. स्पेशल चेकिंग अभियान में रेलवे वाणिज्यिक विभाग के साथ रेलवे विजिलेंस विभाग और रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों को शामिल किया जायेगा.
पूर्व रेलवे के डिप्टी सीसीएम राजीव शर्मा ने बताया कि पीसीसीएम, पूर्व रेलवे एमपी मेहता के निर्देश पर पूर्व रेलवे में 21-30 अगस्त तक स्पेशल टिकट जांच अभियान चलाया जायेगा. श्री शर्मा ने बताया कि पूर्व रेलवे द्वारा समय-समय पर टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए अभियान चलाया जाता है.
