कोलकाता : अगर किसी को चोट लगी हो और वह किसी प्राइवेट डॉक्टर के यहां इलाज कराने जा रहे हैं, तो उसे टिटनेस की वैक्सीन के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है. दरअसल, बाजार से टिटनेस टॉक्सॉयड वैक्सीनकी वैक्सीन पिछले करीब छह सात माह वैक्सीन की बाजार में शॉर्टेज हो गयी है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. हालांकि, सरकारी अस्पतालों में अभी इसकी कमी नहीं है.
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गौरतलब है कि टिटनेस से बचाने के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण कराया जाता है. इसके अलावा, चोट लगने पर टिटनेस का खतरा बढ़ जाता है, जिसकी वजह से लोगों को टिटनेस का टीका दिया जाता है. चिकित्सक टिटनेस को घातक बीमारी की संज्ञा देते हैं. बावजूद इसके हैरत की बात है कि बाजार से टिटनेस की वैक्सीन गायब हो रही है.
इस विषय में हमें बंगाल केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन के एक सक्रिय सदस्य ने बताया कि केवल दो कंपनी ही महानगर समेत राज्य भर में टेटनेस की वैक्सीन सप्लाई करती है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से कंपनियां आपूर्ति ठीक से नहीं कर रही है. ऐसे में, मरीज आकर लौट रहे हैं. हालांकि, इससे इतर राज्य के सरकारी अस्पतालों में टिटनेस की वैक्सीन की उपलब्धता पर्याप्त बताया जा रहा है.
सर्विस डॉक्टर फोरम के महासचिव डॉ सजल विश्वास ने बताया कि फिलहाल सरकारी अस्पतालों में टिटनेस की वैक्सीन उपलब्ध है, लेकिन अगर यही स्थिति बनी रही, तो जल्द ही सरकारी अस्पतालों में भी शॉर्टेज हो सकता है. ज्ञात हो कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में कुछ महीनों से एंटी रेबीज वैक्सीन का व्यापक अभाव देखा जा रहा है. इस बीच, अगर इन अस्पतालों से टिटनेस का टीका गायब हो जाये ,तो मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है.
