कोलकाता : राज्य के जंगली इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए वन विभाग ने नाइट विजन कैमरे लगाने का फैसला किया है, ताकि जंगल के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा सके. हालांकि, वन विभाग ने जंगलों में निगरानी के लिए वन कर्मी नियुक्त किये हैं, लेकिन कहा जाता है कि खुली आंख से भी कई बार जो चीजें नहीं दिखायी देती हैं, कैमरा उन्हें आसानी से देख लेता है.
दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च क्षमतावाले नाइट विजन डिवाइस का उपयोग किया जा रहा है. अलीपुरद्वार जिले के जलदापाड़ा नेशनल पार्क के पास कई ऐसे चाय बागान हैं, जहां अक्सर हाथी और चीते देखे जाते हैं. इन इलाकों में अब नाइट विजन कैमरे लगाये जायेंगे. इसे लेकर जिलाधिकारी सुभांजन दास ने डुआर्स, बक्सा और जलदापाड़ा के वन अधिकारियों के साथ बैठक की है. बैठक में राज्य सरकार को डुआर्स के जंगलों में नाइट विजन कैमरा लगाये जाने का प्रस्ताव पारित किया गया.
वन अधिकारी ने बताया कि जंगल में 360 डिग्री घूमनेवाले कैमरे लगाये जायेंगे, जो लगातार जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. वन विभाग ने जलदापाड़ा नेशनल पार्क से सटे चाय बागान में करीबन आठ कैमरे लगाये हैं. हाल ही में चाय बागान में चीते ने तीन बच्चों की जान ले ली. हालांकि पिछले आठ दिनों में कोई इंसान, चीते का शिकार नहीं बना है. फिर भी इलाके में चीते का आतंक है. वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि कैमरे से जानवरों के साथ-साथ लकड़ी तस्करों पर भी नजर रखी जा सकेगी.
