राज्य में तृणमूल से गठबंधन का फैसला स्थानीय स्तर पर होगा
संसद के बजट सत्र में उठायेंगे सरकार के तानाशाही रवैये का मुद्दा
कोलकाता : संसद में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वह केंद्र में नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए ममता बनर्जी की सभा में पहुंचे.
भले ही राज्य में कांग्रेस की ओर से तृणमूल पर उसके विधायकों को तोड़ने का आरोप लगाया जाता रहा हो, श्री खड़गे का मानना है कि ब्रिगेड में तृणमूल की सभा केंद्र के मुद्दों को लेकर थी. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, विधान भवन में संवाददाताओं से बातचीत में श्री खड़गे ने कहा, ‘दिल मिले न मिले, हाथ मिलाते रहना चाहिए’.
यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस राज्य में तृणमूल के साथ गठबंधन करेगी. इस पर श्री खड़गे ने कहा कि इसका फैसला प्रदेश कांग्रेस स्थानीय तौर पर करेगी. हालांकि उत्तर प्रदेश में सपा व बसपा का गठबंधन हुआ है, लेकिन यह तय है कि कांग्रेस अपने उसूलों के साथ ही कोई गठबंधन करेगी. यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस की ओर से बतौर प्रधानमंत्री ममता बनर्जी के नाम का समर्थन किया जायेगा या नहीं श्री खड़गे का कहना था कि ‘बकरीद में बचेंगे तो न मोहर्रम में नाचेंगे’.
श्री खड़गे ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे का फैसला अभी नहीं लिया जा सकता. संसद में शुरू होने वाले बजट सत्र के संबंध में उनका कहना था कि इस सत्र में वह राफेल, बेरोजगारी, किसानों की समस्या, नोटबंदी, जीएसटी आदि के मुद्दों को उठायेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी तानाशाही शासन कर रहे हैं. उनके खिलाफ लड़ाई में जो भी साथ आयेगा वह उनके साथ चलेंगे, लेकिन वह अपने धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को नहीं छोड़ सकते.
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस की सीएलपी बैठक में नदारद रहने वाले कांग्रेस के चार विधायकों में से दो ने अपनी गैरमौजूदगी की बाबत पत्र दे दिया है, जिसमें एक ने सुप्रीम कोर्ट में अपना मामला होने और एक ने काफी दूर रहने की बात कही है, जिन दो विधायकों के संबंध में अभी तक जानकारी हासिल नहीं हो सकी है उनसे जवाब तलबी की जायेगी. जवाब के मुताबिक ही दल विरोधी कानून (एंटी डिफेक्शन लॉ) का इस्तेमाल करके कार्रवाई की जायेगी.
