कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के नैहाटी थानांतर्गत लालबाबा घाट के पास सोमवार की शाम अवैध बालू खनन के खिलाफ आंदोलन करनेवाले नैहाटी नगर पालिका के चेयरमैन इन काउंसिल (सीआइसी) गणेश दास पर हमला किया गया. उन्हें गंभीर रूप से चोटें आयी है. आरोप है कि बालू व माटी माफिया मनोज दास के नेतृत्व में कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया.
आरोप है कि मौके पर पहुंची पुलिस गणेश दास व उनके दो साथियों को ही थाने ले आयी और काफी देर तक उन्हें लॉकअप में रखा. इधर घटना से गुस्साये लोगों ने लालदीघी मोड़ पर पथावरोध कर दिया. साथ ही नैहाटी, गौरीपुर और हाजीनगर में भी घटना के प्रतिवाद में पथावरोध किया गया.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम एसडीएलआर के निर्देश पर बीएलआर और पांच सदस्यों की एक टीम नैहाटी पुराने हुगली ब्रिज संलग्न लालबाबा घाट पहुंची थी.
इसके बाद ही बैरकपुर पुलिस कमिश्नर के दफ्तर से लौट कर नैहाट्टी नगर पालिका के सीआइसी गणेश दास भी अपने दो लोगों के साथ लालबाबा घाट पहुंचे थे. उसी दौरान उन पर हमला किया गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध बालू व माटी माफियाओं के खिलाफ आंदोलन के कारण ही गणेश दास पर बालू माफियाओं ने हमला किया हौ और उन पर गलत आरोप लगाकर उन्हें फंसाने की कोशिश हो रही है.
इधर नैहाट्टी नगर पालिका के सीआइसी गणेश दास ने बताया कि अवैध बालू खनन को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर सभी दफ्तरों में शिकायत की गयी है. शाम को सीपी सुनील चौधरी के पास सारे दस्तावेज लेकर गये थे लेकिन वे नहीं थे. वहां से लौट कर लालबाबा घाट पर पहुंचते ही मनोज दास के नेतृत्व में उन पर हमला किया गया.
वहीं मनोज दास का आरोप है कि गणेश दास उसे मारने के लिए पहुंचे थे. वे मोटी रकम की मांग कर रहे थे. इधर इस संबंध में नैहाटी थाना के आइसी शुभ्रजीत मजूमदार का कहना है कि अभी तक गणेश दास के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं करायी गयी है.
उन्हें हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. इस संबंध में भाटपाड़ा के विधायक अर्जुन सिंह ने बताया कि बालू माफियाओं की शिकायत पर अगर किसी पार्षद व सीआइसी को पुलिस पूछताछ के लिए हिरासत में लेती है, तो यह दुर्भाग्य की बात है.
