कोलकाता : सार्क दिवस पर बोलीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, संबंधों की मजबूती से सभी को फायदा

बहुत कारगर हुआ है समझौता कोलकाता : दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) उद्यापन दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती सभी के लिए फायदेमंद है. शनिवार को मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा कि आज सार्क दिवस है. दक्षिण एशियाई देशों के बीच […]

बहुत कारगर हुआ है समझौता
कोलकाता : दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) उद्यापन दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती सभी के लिए फायदेमंद है. शनिवार को मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा कि आज सार्क दिवस है. दक्षिण एशियाई देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और विकास के लिए किया गया यह समझौता बेहद कारगर साबित हुआ है. मेरा मानना है कि द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती से सभी पड़ोसी देशों का विकास होगा.
उल्लेखनीय है कि दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) दक्षिण एशिया के आठ देशों का आर्थिक और राजनीतिक संगठन है. संगठन के सदस्य देशों की जनसंख्या (लगभग 1.5 अरब) को देखा जाये, तो यह किसी भी क्षेत्रीय संगठन की तुलना में ज्यादा प्रभावशाली है. इसकी स्थापना आठ दिसंबर 1984 को भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान द्वारा मिलकर की गयी थी. अप्रैल 2007 में संघ के 14वें शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान इसका आठवां सदस्य बन गया. 1970 के दशक में बांग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति जियाउर रहमान ने दक्षिण एशियाई देशों के एक व्यापार गुट के सृजन का प्रस्ताव किया.
मई 1980 में दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग का विचार फिर रखा गया था. अप्रैल 1981 में सातों देश के विदेश सचिव कोलंबो में पहली बार मिले. इनकी समिति ने क्षेत्रीय सहयोग के लिए पांच व्यापक क्षेत्रों की पहचान की.
हस्तशिल्प के विकास के लिए राज्य सरकार तत्पर : ममता
हस्तशिल्प सप्ताह के शुरुआत में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार हस्तशिल्प के विकास के लिए हमेशा से ही तत्पर रही है और राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी योजनाओं का लाभ भी लोगों को मिल रहा है. शनिवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार से हस्तशिल्प सप्ताह की शुरुआत हो रही है. इस अवसर पर वह कहना चाहती हैं कि हमारी सरकार ने हस्तशिल्प उद्योग और कारीगरों को विकसित और स्थापित करने के लिए काफी काम किया है. सरकार की हमेशा प्राथमिकता रही है कि इस उद्योग को ना सिर्फ संरक्षण दिया जाए, बल्कि सरकारी मदद से अधिक से अधिक विकसित किया जाए.’ अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह 08 दिसंबर से 14 दिसम्बर तक पूरे भारत में मनाया जाता है.
कोलकाता. आजादी की लड़ाई में अमर शहादत देने वाले अमर शहीदों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने याद किया है. शनिवार को ट्वीटर के माध्यम से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्रांतिकारी बाघा जतीन्द्र नाथ व बादल गुप्ता को श्रद्धांजलि दी है. शनिवार सुबह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीटर के माध्यम से कहा कि आज क्रांतिकारी बाघा जतिन की जयंती हैं. इस मौके पर वह उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं. बाघा जतिन ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आजादी की लड़ाई में अनुकरणीय योगदान दिया है. बाघा जतिन के बचपन का नाम जतीन्द्र नाथ मुखर्जी (जतीन्द्रनाथ मुखोपाध्याय) था. वे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध कार्यकारी दार्शनिक क्रान्तिकारी थे.
माना जाता है कि 27 वर्ष की आयु में एक बार जंगल से गुजरते हुए उनकी मुठभेड़ एक बाघ (रॉयल बंगाल टाइगर) से हो गयी. उन्होंने बाघ को अपने हंसिये से मार गिराया था. इस घटना के बाद यतीन्द्रनाथ ‘बाघा जतिन’ नाम से विख्यात हो गए थे. साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वतंत्रता संग्राम की त्रिमूर्ति जोड़ी विनय, बादल, दिनेश में से बादल गुप्ता की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है.
शनिवार को मुख्यमंत्री ने ट्वीटर के माध्यम से कहा कि आजादी के संघर्ष के इतिहास में विनय बादल दिनेश का राइटर्स अभियान स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. कोलकाता का राइटर्स बिल्डिंग ब्रिटिश हुकूमत का केंद्र बिंदु था और 8 दिसंबर 1930 को इन तीनो ने यहां घुसकर भारतीयों की ताकत का प्रदर्शन किया था. मौके पर ही बादल गुप्ता शहीद हो गए थे. इस मौकेेे पर वह त्रिमूर्ति जोड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं. आने वाली पीढ़ियां इनकी शहादत को हमेशा याद रखेंगी.

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