कोलकाता : राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आनेवाले रोगियों को मुफ्त चिकित्सा हेतु आउट पेशेंट डोर (ओपीडी) के लिए अब से ऑनलाइन टिकट मिलेगा, जिससे लोगों को लंबी लाइन में नहीं खड़ा होना होगा. ओपीडी के लिए टिकट प्रक्रिया अब राज्य सरकार ऑनलाइन करने जा रही है.
यह पहल रोगियों के परिजनों को भागदौड़ से मुक्त करने के लिए की गयी है. दरअसल ऐसा नियम है कि राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त चिकित्सा के लिए दो रुपये का ओपीडी टिकट लेना पड़ता है. इसी टिकट के जरिए इमरजेंसी में मरीजों का इलाज शुरू होता है. अगर भर्ती लेने लायक हालत होती है तो तुरंत भर्ती ले लिया जाता है.
अगर किसी मरीज की हालत इतनी अधिक गंभीर नहीं हुई कि उसे भर्ती लेना पड़े तो चिकित्सक दवा लिखकर उसे छोड़ देते हैं और उस ओपीडी टिकट के जरिए ही मरीजों को मुफ्त में दवाइयां भी मिल जाती हैं. इसके लिए प्राय: सभी अस्पतालों में लंबी लाइन लगती थी. अब राज्य सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया है, ताकि अस्पतालों में ओपीडी काउंटर पर लगनेवाली भीड़ भी कम हो और लोगों को भी सुविधाएं हों.
मंगलवार को राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बयान जारी कर यह जानकारी दी गयी है. इसे सबसे पहले राज्य के शीर्ष मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, एसएसकेएम में पेश किया जाएगा, इसके बाद अन्य मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में इसकी शुरुआत होगी. इस प्रकार टिकट काउंटरों में कम भीड़ होगी. इस माह के अंतिम सप्ताह तक यह प्रणाली शुरू हो जाएगी. ऑनलाइन टिकट खरीदने वालों के लिए अस्पतालों में विशेष काउंटर होंगे, जहां ऑनलाइन खरीदे गये टिकट स्कैन किए जा सकते हैं.
उसके बाद, रोगी ‘प्रवेश संख्या’ दिया जाएगा, जिसे उन्हें डॉक्टर को दिखाना होगा. संख्याएं उन रोगियों के समन्वय में स्वचालित रूप से एसाइन की जाएंगी, जिन्होंने ऑफ़लाइन काउंटर से टिकट खरीदे हैं. उदाहरण के लिए, यदि ऑफलाइन टिकट धारक को ‘प्रविष्टि’ के दौरान नंबर 10 एसाइन किया गया है, तो उसके बाद ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले मरीज को 11 नंबर एसाइन किया जाएगा.
