कोलकाता : पहली बार सरकारी अस्पताल में हृदय प्रत्यारोपण

रानीगंज के राखाल दास के सीने में धड़क रहा दक्षिण 24 परगना के सैकत का दिल कोलकाता : कोलकाता महानगर के निजी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण अब आम बात हो गयी है. लेकिन शहर के सरकारी अस्पताल में शनिवार को पहली बार सफलतापूर्वक हृदय प्रत्यारोपण हुआ. एसएसकेएम अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित व्यक्ति का हृदय […]

रानीगंज के राखाल दास के सीने में धड़क रहा दक्षिण 24 परगना के सैकत का दिल
कोलकाता : कोलकाता महानगर के निजी अस्पतालों में अंग प्रत्यारोपण अब आम बात हो गयी है. लेकिन शहर के सरकारी अस्पताल में शनिवार को पहली बार सफलतापूर्वक हृदय प्रत्यारोपण हुआ.
एसएसकेएम अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित व्यक्ति का हृदय ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया और वहां रानीगंज के मरीज में इसका सफल प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) हुआ. यहीं नहीं, ब्रेन डेड घोषित शख्स की किडनी भी एसएसकेएम अस्पताल में ही दो लोगों में प्रत्यारोपित की गयी.
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात दक्षिण 24 परगना जिले के निवासी सैकत लट्टू को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था. छह नवंबर से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित सैकत का इलाज चल रहा था. शुक्रवार रात डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इस सूचना के बाद सैकत के परिवारवालों ने अंग दान करने की इच्छा जाहिर की.
मृतक का हृदय, किडनी और लीवर का दान किया गया है. एसएसकेएम अस्पताल से शनिवार सुबह 9.55 बजे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हृदय को मेडिकल काॅलेज व अस्पताल ले जाया गया. वहां इसे रानीगंज के राखाल दास (38) में 10.30 बजे प्रत्यारोपित किया गया. वहीं, मृतक सैकत की किडनी एसएसकेएम अस्पताल में ही पवन कुमार राय (34) व अजवाइन सेठ (32) को प्रत्यारोपित किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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