कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के बारासात थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुई थी, इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने की बजाय सालिसी सभा बुला कर आरोपी के साथ नाबालिग की शादी करा दी थी. इस संबंध में हाइकोर्ट की न्यायाधीश नादिरा पथारिया ने नाबालिग की आरोपी से शादी करानेवाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ जांच का आदेश दिया था.
इस संबंध में गुरुवार को हाइकोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने हाइकोर्ट को बताया कि घटना में लिप्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी गयी है.
गौरतलब है कि वर्ष 2012 में बारासात थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी व कोलकाता पुलिस के अधिकारी ने दत्तपुकुर की एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करनेवाले आरोपी की उससे ही शादी करा दी थी. बिना किसी कार्रवाई के ही पूरी घटना को अंजाम दिया गया. यहां तक कि उनकी शादी की रजिस्ट्री भी नहीं की गयी. इसके बाद दुष्कर्म के आरोपी ने नाबालिग पर अत्याचार करना शुरू कर दिया.
नाबालिग को उसके परिवार के लोगों से भी मिलने नहीं दिया जा रहा था. इसके बाद नाबालिग के परिजनों ने दत्तपुकुर थाने में एफआइआर दर्ज करायी, लेकिन उसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अपनी याचिका में पीड़िता के परिजनों ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी को बचाने के लिए पुलिस ने उसकी शादी करायी है.
इसके बाद 2014 में हाइकोर्ट ने दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. लेकिन उसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं की गयी, तो पीड़िता के परिवार ने फिर से कोर्ट में अदालत की अवमानना का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की. इस पर सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गयी है.
