कोलकाता : सारधा चिटफंड कांड की जांच के लिए राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2013 में विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया था. एसआइटी के सदस्य रहे कोलकाता पुलिस के पूर्व अधिकारी पल्लव कांति घोष सीबीआइ के समक्ष पेश हुए. बुधवार को वह साॅल्टलेक के सीजीओ कांप्लेक्स स्थित सीबीआइ कार्यालय पहुंचे.
सूत्रों के अनुसार सीबीआइ ने गत 18 अगस्त को पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को खत लिखकर एसआइटी सदस्यों से मुलाकात के लिए अनुरोध किया था. सीबीआइ सूत्रों के अनुसार एसआइटी के सदस्यों से मुलाकात कर जांच एजेंसी उन कमियों को ठीक करना चाहती है, जिसकी वजह से जांच बाधित हो रही है.
राज्य सरकार ने 2013 में एसआइटी का गठन किया था, जिसमें राज्य सीआइडी और कोलकाता पुलिस के अधिकारियों को शामिल किया गया था. उच्चतम न्यायालय ने करोड़ों रुपये के सारधा घोटाले में जांच का आदेश देते हुए वर्ष 2014 में मामला सीबीआइ को सौंप दिया था. घोटाले में हजारों-हजारों निवेशकों के रुपये डूब गये थे और इस मामले में राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और मंत्रियों की गिरफ्तारी हुई थी.
