बागड़ी मार्केट अग्निकांड पर छाये साजिश के बादल, छुट्टी के दिन ही क्यों लगती है आग

।। नवीन कुमार राय ।। कोलकाता : शनिवार देर रात को बागड़ी मार्केट में लगी आग की खबर रविवार की सुबह जब लोगों को मिली तो हर किसी के दिमाग में स्ट्रांड रोड, नंदराम मार्केट, मनोहरदास कटरा, 171 एमजीरोड, सत्यनारायण मार्केट जैसे भयावह अग्निकांड की घटना की याद ताजा हो गयी. सबके मन में यही […]

।। नवीन कुमार राय ।।

कोलकाता : शनिवार देर रात को बागड़ी मार्केट में लगी आग की खबर रविवार की सुबह जब लोगों को मिली तो हर किसी के दिमाग में स्ट्रांड रोड, नंदराम मार्केट, मनोहरदास कटरा, 171 एमजीरोड, सत्यनारायण मार्केट जैसे भयावह अग्निकांड की घटना की याद ताजा हो गयी. सबके मन में यही सवाल कौंध रहा था कि आखिर छुट्टी के दिन ही ज्यादातर आग बड़ाबाजार में क्यों लगती है.

इलाके के वरिष्ठ नागरिक सत्यनारायण साहू वहां खड़े होकर आग को गमगीन नजरों से देखते हुए कहते हैं कि बड़ाबाजार में अग्निकांड की सबसे अनोखी बात यही है कि यहां के बाजारों में जब भी आग लगती है तो दिन शनिवार या फिर रविवार होता है. आग इस कदर यहां पर लगती है कि सबकुछ जलकर खाक हो जाता है. दमकल का इंजन आग लगने के बाद उस वक्त पहुंचता है जब आग बेकाबू हो जाती है और आग बुझाने की कवायद के दौरान सबकुछ जलकर खाक हो जाता है.

इसके बाद राहत का मलहम लेकर नेताओं का दल मौके पर पहुंचाता है और बड़ी-बड़ी बातें करता है लेकिन हालात जल्द ही पहले की तरह फिर से हो जाते हैं. देखते ही देखते फिर कुछ दिनों बाद उस जगह पर नया निर्माण होता है और नये सिरे से शुरू होती है प्रमोटिंग. यही बड़ाबाजार की नियति बनी हुई है. इस बार भी सब कुछ पुराने ढर्रे पर ही हुआ लगता है फिर वहीं इतिहास दोहराया जा रहा है.

उल्लेखनीय है कि बागड़ी मार्केट को लेकर बीती रात को किरायेदारों के साथ मकान मालिक की एक बैठक हुई थी. बैठक में कई मुद्दे उठे थे, लेकिन किसी का भी निपटारा नहीं हो सका था. मिली जानकारी के अनुसार यहां पर तकरीबन 960 दुकानदार किराएदार हैं. तकरीबन सभी इस आग की चपेट में आये हैं. इस अग्निकांड के कारणों का पता अभी तक नहीं चल सका है.

दुकानदार सुजीत सुराणा ने कहा कि वह बर्बाद हो गये हैं. लेकिन उन्हें बर्बाद करने के पीछे एक बड़ी साजिश है. कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए हजारों लोगों को बर्बाद कर दिया गया है. किरायेदार चाहते थे कि उनकी दुकानों का पंजीकरण हो. इसके लिए उन लोगों ने बाकायदा एसोसिएशन भी बना रखा है.

दुकानदारों की एसोसिएशन के साथ मालिक पक्ष की एक बैठक भी हुई. उक्त बैठक में मौजूद कंफेडरेशन ऑफ बेंगाल ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील पोद्दार भी मौजूद थे. उनके मुताबिक लंबे समय से इसपर विवाद चल रहा है. इसके साथ ही यह बाजार जहां है वहां की गलियां बेहद संकरी है. हादसा होने की सूरत में उसकी भयावहता काफी बढ़ जाती है.

बागरी मार्केट का मालिकाना गोपाल बागड़ी के पास था लेकिन बाद में यह हक राजा बागड़ी के पास चला गया. इसके बाद से ही पंजीकरण को लेकर विवाद होता रहा. दुकानदारों के साथ मालिक पक्ष का समझौता अब तक नहीं हो सका था. इस बीच आग लग गयी. दुर्गापूजा के पहले आग लगने से यहां के दुकानदार पूरी तरह सड़क पर आ गये हैं. क्योंकि पूजा के बाजार में कमाई के लिए वह लोग अन्य दिनों के मुकाबले अधिक माल रखे थे.

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