पिछले साल का दस प्रतिशत भी डेंगू नहीं हुआ
मंत्री ने 13 नगर निकाय के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
बैठक में कई सिद्धांतों पर बल दिया
कोलकाता : पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू रोग में काफी गिरावट आयी है. इस साल नहीं के बराबर भी कहा जा सकता है, क्योंकि पिछले साल जितने लोग डेंगू से लोग पीड़ित हुए थे, इस बार उसका दस प्रतिशत भी नहीं हुआ है. ये बातें राज्य के शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहीं.
गुरुवार को मंत्री ने सॉल्टलेक के उन्नयन भवन में कोलकाता नगर निगम, विधाननगर नगर निगम समेत 13 नगर निकायों के प्रतिनिधियों को लेकर एक बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने संवाददाताओं से रूबरू होते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गयी है, जिसमें कौन-कौन इलाका डेंगू और मलेरिया जैसे रोग को दावत दे रहा है, वैसे इलाकों पर विशेष ध्यान देने को लेकर पार्षदों को कहा गया है.
साथ ही घर-घर स्वास्थ्य कर्मचारियों को जाकर इलाके में काम करने की सलाह दी गयी है.
साथ ही उन्होंने कहा कि ज्वाइंट इलाकों के लिए पार्षदों को व्हाट्सएप नंबर भी दिया गया है, जिसमें वे अपने उन इलाके की बदहाल सड़कों की तस्वीर खींच कर उसमें भेज सकते हैं, ताकि उन समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सके
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या भी बढ़ाने पर बल दिया गया है. डेंगू व मलेरिया का खतरा वाले इलाकों को पूरी तरह से डेंगू और मलेरिया के खतरा मुक्त जोन करने को कहा गया है.
उन्होंने कहा कि इलाकों में जहां-जहां केंद्रीय सरकार के प्रोजेक्ट के तहत काम हो रहे हैं अथवा केंद्र सरकार के दफ्तर हैं, उन इलाकों में पानी जमे रहने के कारण डेंगू व मलेरिया का डर बना है. उन इलाकों में काम करने के लिए उक्त दफ्तर के अधिकारियों से बात की जा रही है.
कुछ बंद जगहों पर काम करने के लिए कुछ नियम व कानूनी अड़चन को सरल बनाते हुए काम किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इलाके में कहीं पानी जमे नहीं, प्लास्टिक का कम से कम इस्तेमाल हो, इलाके के वार्डों में दो बार करके सफाई हो, नियमित फॉगिंग मशीन का इस्तेमाल समेत कई विषयों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गयी है. इस दौरान पार्षद से लेकर चेयरमैन और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे.
