कोलकाता : राज्य के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील की स्थिति के बारे में पर्यवेक्षकों को निरीक्षण कर जिला सचिव को या सीधे विकास भवन में शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने पर्यवेक्षकों को यह निर्देश दिया. गुरुवार को साल्टलेक में शिक्षा मंत्री ने स्कूल पर्यवेक्षकों को लेकर एक बैठक की. इसमें उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिला समेत 9 जिलों से 251 पर्यवेक्षक उपस्थित थे.
बैठक में कई विषयों पर चर्चा हुई. इसमें मिड डे मील समेत कई विषयों पर आ रहे खामियों की शिकायतों पर गौर करते हुए उन्होंने विद्यालयों का निरीक्षण कर एक रिपोर्ट तैयार कर विकास भवन अथवा जिला सचिव के पास सौंपने के लिए पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है, ताकि मिड डे मील को लेकर बाद में भी किसी तरह की शिकायत नहीं आये.
पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलों को लेकर सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील परिसेवा सहित विभिन्न विषयों के निरीक्षण के लिए 21 से 45 साल के बीच के चार सौ युवक-युवतियों को 11 हजार रुपये वेतन पर अस्थायी तौर पर पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया है.
