कोलकाता : मेट्रो रेलवे का सबसे दुखद पहलू रहा है आत्महत्या की घटनाएं. कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड इन घटनाओं से सबक लेते हुए ईस्ट-वेस्ट मेट्रो में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जिसके लगने के बाद आत्महत्या की घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाया जा सकेगा
दुर्गापूजा से पहले ईस्ट-वेस्ट के शुरू होेनेवाले दूसरे फेज साॅल्टलेक सिटी सेंटर से सेक्टर पांच तक के सभी मेट्रो स्टेशनों के प्लेटफॉर्मों पर स्क्रीन डोर लगाया जा चुका है. इस स्क्रीन डोर की खासियत यह है कि यह डोर तभी खुलेगा जब मेट्रो ट्रेन प्लेटफॉर्म में प्रवेश करेगी. ट्रेन के रवाना होते ही यह डोर अपने आप बंद हो जाएगा.
कोलकाता मेट्रो रेलवे आये दिन होनेवाले आत्महत्या की घटनाओं को देखते हुए कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यह नयी तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है.
इसके लगने के बाद सभी प्लेटफॉर्म पूरी तरह से कवर्ड होंगे. प्लेटफॉर्म में ट्रेन के प्रवेश करते ही ट्रेन के दरवाजे ठीक स्क्रीन डोर के पास आकर लगेंगा. स्क्रीन डोर से ट्रेन के दरवाजे लगते ही सेंसर काम करेगा और ट्रेन के दरवाजे के साथ ही प्लेटफॉर्म सक्रीन डोर बंद हो जाएगा. इस तकनीक का इस्तेमाल के बाद आत्महत्या करने की चाह रखने वाले लोग पटरी तक पहुंच ही नहीं पाएंगे. एक स्टेशन पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाने में तीन करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च होगा.
सभी स्टेशनों पर लगेगा प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर
कुल 12 स्टेशनों, जिसमें जमीन के अंदर वाले स्टेशन हावड़ा मैदान, हावड़ा, न्यू महाकरण, एसप्लेनेड, सियालदह, फुलबागान और एलिवेटर पर टिके स्टेशनों सॉल्टलेक सेक्टर पांच, करुणामयी, सेंट्रल पार्क, सिटी सेंटर, बंगाल केमिकल और साॅल्टलेक स्टेडियम मेट्रो स्टेशन सभी में प्लेटफॉर्म डोर स्क्रीन लगेगा.
