महानंदा नदी से हो रही गायों की तस्करी

मालदा : स्वाधीनता दिवस को लेकर भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाई अलर्ट चल रहा है. लेकिन दूसरी तरफ मालदा थाना की साहापुर ग्राम पंचायत के छोटपुर सीमांत इलाके में गायों की तस्करी चल रही है. लोगों का आरोप है कि बीएसएफ की आंखों में धूल झोंककर महानंदा नदी से गायों की तस्करी होना समझ से बाहर […]

मालदा : स्वाधीनता दिवस को लेकर भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाई अलर्ट चल रहा है. लेकिन दूसरी तरफ मालदा थाना की साहापुर ग्राम पंचायत के छोटपुर सीमांत इलाके में गायों की तस्करी चल रही है. लोगों का आरोप है कि बीएसएफ की आंखों में धूल झोंककर महानंदा नदी से गायों की तस्करी होना समझ से बाहर है. लोगों का यह भी कहना है कि गायों की तस्करी को लेकर पुलिस और बीएसएफ उदासीन है. इस दौरान तस्करी के लिये नये तरीके का इस्तेमाल देखने को मिल रहा है.
सूत्रों ने बताया कि साहापुर ग्राम पंचायत के गोविंदपुर और छोटपुर इलाके में गायों को केले के थम से बांध दिया जाता है. जिसके बाद उन्हें जलकुम्भी से ढ़क कर नदी में छोड़ दिया जाता है. उस पार मौजूद तस्कर गायों के किनारे पहुंचने पर उन्हें पकड़ लेते हैं. शाम होते ही तस्करी का यह धंधा शुरू हो जाता है. इलाके के एक तस्कर ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सबसे ज्यादा मांग हरियाणा प्रजाति के गायों की है. एक जोड़ा गाय का बांग्लादेश से 50 से 60 हजार रुपया मिलता है. कई बांग्लादेशी तस्कर इसके लिये इधर के लोगों को एडवांस पैसे भी देने के लिये तैयार रहते हैं.
इधर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस और बीएसएफ तस्करों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चला रहे. ग्रामीण अगर अपने स्तर पर विरोध करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है. ओल्ड मालदा के विधायक अर्जून हालदार ने बताया कि गाय तस्करी की कई शिकायतें मिल रही है. अगर ऐसा है तो पुलिस औैर बीएसएफ को आवश्यक कदम उठाने चाहिये.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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