कोलकाता : बहन की हत्या के मामले में भाई को अदालत ने दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का भी निर्देश दिया. घटना वेस्टपोर्ट इलाके के हाइड रोड में 2009 में सात सितंबर को घटी थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक 2009 में वेस्टपोर्ट इलाके के हाइड रोड में एक ड्रेन के सामने प्लास्टिक के बैग में एक युवती का शव बरामद किया गया था.
मृतक की शिनाख्त सल्लु बाल्मीकि (25) के रूप में हुई थी. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी भाई मुकेश बाल्मीकि (28) को आठ सितंबर को गिरफ्तार किया था. पूछताछ में उसने बहन की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया था. मुकेश ने बताया कि सल्लु का किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध था. उसने इसके लिए सल्लु को कई बार मना किया था, लेकिन वह नहीं मान रही थी. इसीलिए उसने सात जुलाई को घर में गला घोंटने के बाद गर्दन काटकर उसकी हत्या की थी.
अलीपुर कोर्ट के 18वें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कावेरी बसु ने सबूतों व गवाहों के आधार परमुकेश को दोषी करार दिया और उसे कत्ल के मामले में उम्रकैद की सजा सुनायी. इसके अलावा 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का निर्देश दिया. शव को ठिकाना लगाने की कोशिश के आरोप में दोषी पाते हुए अलग से सात वर्ष की सजा सुनायी. इसके साथ 10 हजार रुपये जुर्माना भरने का निर्देश दिया.
