पहली बार हुई मुकुल के बगैर शहीद दिवस सभा की खूंटी पूजा

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस की सभा के लिए हर साल खूंटी पूजा होती है. इसकी शुरुआत पूर्व परिवहन मंत्री व तत्कालीन तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मित्रा ने किया था. हर बार खूंटी पूजा के मौके पर मुकुल राय मौजूद रहते थे. लेकिन पहली बार ऐसा हुआ, जब मुकुल राय की […]

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के शहीद दिवस की सभा के लिए हर साल खूंटी पूजा होती है. इसकी शुरुआत पूर्व परिवहन मंत्री व तत्कालीन तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मदन मित्रा ने किया था. हर बार खूंटी पूजा के मौके पर मुकुल राय मौजूद रहते थे. लेकिन पहली बार ऐसा हुआ, जब मुकुल राय की अनुपस्थित में खूंटी पूजा हुई.
इस बार खूंटी पूजा तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सुब्रत बक्शी ने किया. मौके पर तृणमूल कांग्रेस के कई स्थानीय नेता मौजूद थे. इस बार 21 जुलाई को होनेवाली शहीद दिवस की सभा को संकल्प दिवस के रूप में मनाया जा रहा है. मुकुल राय अब भाजपा के हो गये हैं, लिहाजा वह इस बार सभा में शामिल नहीं होंगे.
हालांकि उनकी विदाई का बिगुल पिछली बार की सभा में ही बज गया था. जब उन्हें मंच पर रखा तो गया, लेकिन बोलने का मौका नहीं दिया गया. पिछली बार मदन मित्रा को मंच पर चढ़ने भी नहीं दिया गया था. हर बार मंच का मुख्य आकर्षण अल्पसंख्यक समुदाय से टीपू सुल्तान मस्जिद के शाही इमाम मौलाना बरकती हुआ करते थे. फिलहाल ममता बनर्जी भी उनसे दूरी बरत रही हैं. लिहाजा वह भी मुकुल की तरह मंच से नदारद रहेंगे.
हर बार की तरह इस बार भी मंच त्रिस्तरीय बन रहा है. पहले मंच पर राज्य के बुद्धिजीवियों और कलाकारों के अलावा पार्टी की पहली कतारवाले नेताओं को जगह दी जायेगी. दूसरे मंच पर पार्टी के विभिन्न शाखा संगठनों के नेताओं को जगह दी जायेगी. तीसरे मंच पर शहीद के परिजन मौजूद रहेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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