कोलकाता : बाल यौन शोषण पूरे भारत के लोगों के लिए चिंता का विषय है और बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर विचार करने की जरूरत है. स्वामी विवेकानंद ने कहा है कि हम सभी को अपने चरित्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है. बचपन से ही हमें बच्चों के चरित्र निर्माण पर ध्यान देने की जरूरत है.
ये बातें राज्य के उपभोक्ता मामलों के मंत्री साधन पांडेय ने रविवार को जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के गैर सरकारी संगठन ‘समाधान अभियान’के सहयोग से बाल यौन शोषण रोकने के लिए आयोजित कार्यशाला में कहीं. गैर सरकारी संगठन ‘समाधान अभियान’ की निर्देशक शीलम बाजपेयी ने इस अवसर पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बच्चों पर हो रहे यौन शोषण का आंकड़ा बताते हुए कहा कि 53 प्रतिशत बच्चे (लड़का व लड़की) यौन शोषण की समस्या से पीड़ित हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार हर 30 मिनट में एक नाबालिग के साथ यौनशोषण होता है.
इस मामले में हमारे देश का नाम प्रथम पांच देशों में आता है. गैर सरकारी संगठन ‘समाधान अभियान’की सलाहाकार किरण जैन ने कहा कि कई मामलों में देखा गया है कि बच्चे अपने घर पर भी सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बतायें तथा यह बात हर बच्चे को बताया जाये. अभिभावक बच्चे के साथ गुणवतापूर्ण समय व्यतीत करें. कार्यक्रम के आयोजन में जीतो के अध्यक्ष सर्वेश जैन, मुख्य सचिव अमित कोठारी, कोषाध्यक्ष रतन दुगड़ व विनोद दुगड़ सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
