राज्य सरकार करेगी कार्रवाई
कोलकाता : दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में तालाब पाटकर करीब तीन हजार घर बनाये गये हैं. शुरुआती जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से अधिकतर घर दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करके बनाये गये हैं.
जल्द ही पूरी जांच के बाद इन पर कार्रवाई की जाएगी. तालाब भूमि की पहचान बदले बिना बहुमंजिली इमारतों का गीली जमीन पर निर्माण किया गया है. हल्के भूकंप भी ऐसे घरों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं. नगर निगम आयुक्त खलील अहमद ने इसकी विस्तृत जांच के लिए आदेश दिए हैं.
उन्होंने इस संबंध में नगरपालिका और पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की. बैठक के बाद नतीजा यह निकला कि जादवपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत पंचसायर, पूर्वी जादवपुर और सर्वे पार्क क्षेत्र में करीब 3000 घरों के दस्तावेजों की जांच नगरपालिका अधिकारियों द्वारा की जायेगी.
नगरपालिका अधिकारी जांच करेंगे कि घर के निर्माण के समय भूमि का रूपांतरण किया गया था या नहीं, किसी सरकारी अधिकारी द्वारा रूपांतरण की स्वीकृति दी गयी थी या नहीं और साथ ही घर की निर्माण योजना ठीक है या नहीं. जांच दल में मूल्यांकन अनुभाग के अधिकारी, भवन खंड, पीएमयू, नगर पालिका के भूमि सर्वेक्षक खंड, राज्य सरकार के मत्स्यपालन विभाग और कोलकाता पुलिस को हिस्सा बनाया गया है.
जांच एक महीने के भीतर की जानी है और उसकी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपनी है. साथ ही अब से तालाब भूमि के सामने सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएंगे. इसके अलावा स्थानीय प्रशासन अवैध घरों को तोड़कर वहां नये तालाब खुदवाएगा.
