कोलकाता : दाखिले के दौरान छात्रों से जबरिया उगाही के मामले तृणमूल छात्र परिषद के नेताओं का लगातार नाम आने से नाराज ममता बनर्जी ने टीएमसीपी की अध्यक्षा जया दत्ता को पद से हटाने का फैसला कर लिया है. लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इस बीच पार्टी को संज्ञान में लिए बीना जया ने आरोपी छात्र यूनिटों को भंग करने का फैसला ले लिया.
लिहाजा लोगों में सवाल उठ रहा है कि वह पद है या नहीं. हालांकि जया को जब पद से हटाने की खबर तृणमूल कांग्रेस के अंदरखाने से आयी थी उस वक्त दावा किया गया था कि 10 दिन के अंदर नये अध्यक्ष के नाम का एलान कर दिया जाएगा. फिलहाल यह अवधि खत्म होने में अभी 72 घंटे बाकी है. जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभी उत्तर बंगाल के दौरे पर हैं. ऐसे में लोग कयास लगा रहे हैं कि क्या नये अध्यक्ष के नाम की घोषणा ममता बनर्जी उत्तर बंगाल से ही करेंगी या जया को दोबारा मौका देंगी.
कुल मिलाकार जया के मामले में सस्पेंश बरकरार है. जया को पद पर रखने की बात कहने वाले टीएमसीपी के नेता कई ठोस कारण बता रहे हैं. उसमें एक है जया को पार्टी के अंदर शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का करीबी माना जाता है. उनके पद मुक्त करने की खबर के बाद वह पार्थ चटर्जी से मिलने उनके घर भी गयी थीं. बाद में एक सवाल के जबाब में पार्थ ने कहा भी था कि जया के पद से हटाने की कोई आधिकारिक घोषणा हुई है यह उनकी जानकारी में नहीं है.
लगे हाथ उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने हटाने का मन बना लिया है तो उसको कोई बदल भी नहीं सकता. हालांकि जया बीते दिनों मिलन मेला में निरीक्षण करने गये युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अभिषेक बंद्योपाध्याय से मिलकर अपना पक्ष भी रखा. इसके अलावा मुख्यमंत्री से गुहार लगाने वह कालीघाट स्थित उनके घर भी गयीं. जया का दावा है कि पार्टी उनको हटाना चाहे तो बेशक हटा दे. वह पार्टी का निर्णय मानेंगी, लेकिन जिस तरह का आरोप उन पर लग रहा है उसमें वह कहीं शामिल नहीं हैं.
