युद्धपोत तारासा से समुद्री आतंकियों पर नकेल कसेगी नेवी

तारासा को आधुनिक तकनीक से भारत के पश्चिमी तटों की निगरानी और सुरक्षा के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है. तरासा का नाम अंडमान एवं निकोबार के एक द्वीप के नाम से प्रेरित है. समुद्री निगरानी के लिए बना यह युद्धपोत क्लास की चौथी और आखिरी पोत है भारतीय नौसेना इससे महाराष्ट्र, गुजरात […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 27, 2017 9:54 AM

तारासा को आधुनिक तकनीक से भारत के पश्चिमी तटों की निगरानी और सुरक्षा के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है. तरासा का नाम अंडमान एवं निकोबार के एक द्वीप के नाम से प्रेरित है. समुद्री निगरानी के लिए बना यह युद्धपोत क्लास की चौथी और आखिरी पोत है भारतीय नौसेना इससे महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा के समुद्री तटों की सुरक्षा और निगरानी करेगी.

स्कार्पीन पनडुब्बी दिसंबर में नेवी का हिस्सा

मुंबई. वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा ने कहा कि स्कार्पीन सीरीज की पहली पनडुब्बी कलवारी नवंबर-दिसंबर तक नेवी में शामिल हो जायेगी. मझगांव डॉक लिमिटेड ने चार दिन पहले नौसेना को स्कार्पीन श्रेणी की यह पनडुब्बी सौंपी थी. मझगांव डॉक लिमिटेड नौसेना की प्रमुख पोत निर्माण इकाई है.