विद्यासागर सेतु हुआ कमजोर

कोलकाता : विद्यासागर सेतु की उम्र अभी केवल 25 वर्ष ही हुई है, पर ट्रैफिक के बेतहाशा बोझ ने इसे वक्त से पहले ही कमजोर कर दिया है. स्थिति यहां तक आ पहुंची है कि अगर जल्द ही इसकी मरम्मत नहीं की गयी तो इसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा आैर कभी भी कोई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 19, 2017 8:51 AM
कोलकाता : विद्यासागर सेतु की उम्र अभी केवल 25 वर्ष ही हुई है, पर ट्रैफिक के बेतहाशा बोझ ने इसे वक्त से पहले ही कमजोर कर दिया है. स्थिति यहां तक आ पहुंची है कि अगर जल्द ही इसकी मरम्मत नहीं की गयी तो इसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जायेगा आैर कभी भी कोई बड़ा हादसा खून के आंसू रुला डालेगा.
सेकेंड हुगली ब्रिज के नाम से दुनिया भर में मशहूर विद्यासागर सेतु देश का सबसे लंबा केबल आधारित पुल है. 1972 में इसका निर्माण आरंभ हुआ था, लेकिन भूमि अधिग्रहण के कुछ अदालती मामलों के कारण इसके बनने की रफ्तार बेहद सुस्त रही आैर तत्कालीन वाममोरचा सरकार ने 10 अक्तूबर 1992 को इस पूल को ट्रैफिक के लिए खोला था.
इस तरह के अन्य पुलों की तुलना में विद्यासागर सेतु की उम्र अभी कम है. विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के पुलों को कम से कम 30 वर्ष पुरे होने के बाद ही मरम्मत की जरूरत पड़ती है.
लेकिन असामान्य ट्रैफिक के दबाव ने इस प्रतिष्ठित पुल के खतरे में डाल दिया है. मात्र 25 वर्ष पुराने इस पुल को बड़े मरम्मत की जरूरत आन पड़ी है, क्योंकि यह पुल रोजाना बड़ी संख्या में गुजरने वाले वाहनों को संभालने में असमर्थ हो रहा है.
विद्यासागर सेतु के रखरखाव व देखभाल की जिम्मेदारी हुगली रिवर ब्रिज कमिश्नर्स (एचआरबीसी) के कंधों पर है, जिसने इसके मरम्मत के लिए एक ग्लोबल टेंडर जारी किया है. सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया मेंछह महीने का समय लगने की संभावना है.
एचआरबीसी के चेयरमैन साधन बंद्योपाध्याय ने बताया कि पुल की स्थिति की जांच आैर केबल में किसी भी तरह की संभावित नुक्सान के परीक्षण के लिए हम लोग एक विशेष अल्ट्रासोनोग्राफी टेस्ट करेंगे. उन्होंने बताया कि जल्द ही इसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया जायेगा, पर इस पर कितनी लागत आयेगी, इस बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया.