श्रमिकों के हितों की अनदेखी नहीं की जायेगी बर्दाश्त : श्यामल चक्रवर्ती
कोलकाता. केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं पूरे देश में श्रमिकों के हितों की उपेक्षा की जा रही है. राज्य में श्रमिकों के हालात और खराब हैं. कई कल-कारखानों के बंद होने से हजारों श्रमिक बेरोजगार हैं. जिनके पास रोजगार है, वे कई सुविधाओं से महरूम हैं. श्रमिकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. […]
कोलकाता. केवल पश्चिम बंगाल ही नहीं पूरे देश में श्रमिकों के हितों की उपेक्षा की जा रही है. राज्य में श्रमिकों के हालात और खराब हैं. कई कल-कारखानों के बंद होने से हजारों श्रमिक बेरोजगार हैं. जिनके पास रोजगार है, वे कई सुविधाओं से महरूम हैं. श्रमिकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
सरकार यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तो श्रमिकों के समक्ष व्यापक आंदोलन के सिवाय दूसरा कोई मार्ग नहीं रहेगा. ये बातें सीटू के वरिष्ठ नेता श्यामल चक्रवर्ती ने कही. वह केएमसी मुख्यालय के निकट सीटू की सभा को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर सीटू के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मुखोपाध्याय, सीटू के प्रदेश महासचिव अनादि साहू, दीपक दासगुप्ता समेत अन्य कई श्रमिक नेता मौजूद रहे.
अनादि साहू ने कहा है कि समय के साथ महंगाई बढ़ रही है. इधर वेतन में बढ़ोतरी नहीं होने पर श्रमिक वर्ग समस्याओं से जूझ रहा है. सीटू नेता ने राज्य में समान कार्य, समान वेतन दिये जाने की मांग की है? उन्होंने श्रमिकों को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन दिये जाने, सभी श्रमिकों को स्थायी करने, रिटायर्ड होने पर सभी श्रमिकों को न्यूनतम मासिक पेंशन तीन हजार रुपये देने, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की है.
