एसआइआर से 1.5 करोड़ लोग परेशान, "2000 करोड़ का नुकसान
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया है.
By AKHILESH KUMAR SINGH | Updated at :
सोशल मीडिया. तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर बोला हमला
मिथिलेश झापश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया है. अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान जारी कर कहा है कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ अब बंगाल में ‘वन नेशन, वन परसेक्यूशन’ (एक चुनाव, एक उत्पीड़न) बन चुका है. निर्वाचन आयोग को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. महंगाई व बेरोजगारी से त्रस्त जनता पर थोपा गया नुकसान : तृणमूल कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल ‘एक्स’ हैंडल @AITCofficial पर एक वीडियो पोस्ट कर यह हमला बोला है. इस वीडियो में एसआइआर की सुनवाई के लिए लाइन में खड़े लोगों को दिखाया गया है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और भाजपा की टोपी पहने एक नेता को भी दिखाया गया है. वीडियो में टीएमसी ने एक रिपोर्ट के हवाले से केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है. वीडियो की शुरुआत में ही इसका जिक्र किया गया है. कहा गया है कि एक भयंकर रिपोर्ट सामने आयी है. टीएमसी का दावा है कि सब इंस्टीट्यूट ने यह रिपोर्ट पब्लिश की है. रिपोर्ट को दबा रहा मीडिया और केंद्र सरकार : टीएमसी ने इस वीडियो में मीडिया को ‘गोदी मीडिया’ करार दिया है. एक मिनट 24 सेकेंड के इस वीडियो में कहा गया है कि गोदी मीडिया और भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार इस रिपोर्ट को दबाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है. टीएमसी ने दावा किया है कि बंगाल के लोगों को दिवालिया कर देने की साजिश रची गयी है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के नाम पर 1.5 करोड़ लोगों को परेशान किया गया. करीब 2,000 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान जनता पर थोपा गया. यह सब ऐसे समय में हुआ, जब पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी से जनता त्रस्त है. पहले स्टेट का फंड रोका, अब लोगों को कर रहे परेशान : बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का जिक्र करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि पहले राज्य के बकाया फंड रोके गये. अब जनता को सीधे आर्थिक रूप से तोड़ा जा रहा है. पार्टी ने इसे लोकतंत्र का गला घोंटने की साजिश बताया. साथ ही चेतावनी दी कि बंगाल इस अन्याय का जवाब चुनाव में देगा. वीडियो के अंत में कहा गया है कि बंगाल चुनाव में इस बार की लड़ाई बंगाली बनाम भाजपा है. क्यों? बंगाली तैयार हैं न? चुनाव आयोग की वजह से हालात अमानवीय : टीएमसी ने आरोप लगाया कि एसआइआर की वजह से प्रवासी मजदूरों की मजदूरी छिन गयी, बुजुर्गों की बचत खत्म हो गयी और महिलाओं एवं मरीजों को अपमानजनक हालात झेलने पड़े. तृणमूल के मुताबिक, हालात इतने अमानवीय हैं कि बीमार और अस्पताल में भर्ती मरीजों को भी कागज दिखाने के लिए मजबूर किया गया, मानो वे अपने ही देश में घुसपैठिये हों.