बार काउंसिल राजनीति से मुक्त हो : सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने कहा कि वरिष्ठ लोगों को सुझाव देते समय एक बात पर जोर देना चाहिए कि बार एसोसिएशन से राजनीति को कैसे हटाया जाये.

कोलकाता. सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि बार काउंसिल और बार एसोसिएशनों को राजनीति से मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि बार की अन्य समस्याओं से निपटा जा सके. सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने इस संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय का उदाहरण दिया. न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने कहा कि वरिष्ठ लोगों को सुझाव देते समय एक बात पर जोर देना चाहिए कि बार एसोसिएशन से राजनीति को कैसे हटाया जाये. यह हर जगह प्रवेश कर रही है. कलकत्ता हाइकोर्ट में देखिए क्या हो रहा है. बूथ ऐसे बनाये गये हैं जैसे ये मतदान केंद्र हों. जब तक हम इससे नहीं निपटेंगे, अन्य समस्याएं हल नहीं होंगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >