बंच में फॉर्म जमा लेने का नहीं है प्रावधान आयोग से आया निर्देश तो होगा अमल : डीएम

मतदाता-सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने को लेकर बीएलओ या इआरओ के पास फॉर्म-7 जमा करने के मुद्दे पर पूरे पश्चिम बंगाल में घमासान मचा हुआ है.

By AMIT KUMAR | January 15, 2026 9:31 PM

आसनसोल.

मतदाता-सूची से किसी व्यक्ति का नाम हटाने को लेकर बीएलओ या इआरओ के पास फॉर्म-7 जमा करने के मुद्दे पर पूरे पश्चिम बंगाल में घमासान मचा हुआ है, जिसे लेकर गुरुवार को भाजपा नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी से मुलाकात कर फॉर्म-7 जमा करने को लेकर अपनी बातें रखीं. जिलाधिकारी पोन्नमबालम एस ने चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि गुच्छे या बंच में यह फॉर्म जमा लेने का प्रावधान नहीं है. नियम के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी मतदाता के खिलाफ ऑब्जेक्शन डालना चाहता है, तो उसे उसी विधानसभा क्षेत्र का मतदाता होना होगा और किसी एक परिवार या या व्यक्ति के खिलाफ ही आवेदन करने का नियम है. कोई एक व्यक्ति दर्जनों के खिलाफ आवेदन नहीं कर सकता है. यह अधिकार राजनीतिक पार्टी के बूथ लेवल एजेंट(बीएलए) को दिया गया था कि वह दिन में 10 आवेदन और पूरे समरी रिवीजन प्रक्रिया के दौरान 30 आवेदन बीएलओ को जमा कर सकते हैं. इस तरह हर बूथ से 30 फॉर्म यदि जमा होता है तो एक विधानसभा में कम से कम 250 बूथ हैं, तो 7500 फॉर्म तो ऐसे ही जमा हो जाता. फॉर्म का हार्ड कॉपी जमा लेने का काम गुरुवार से बंद हो गया, लेकिन ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है. जिलाधिकारी ने भाजपा नेताओं को आश्वासन दिया कि उनकी बातों को चुनाव आयोग तक पहुंचा देंगे, वहां से जैसा दिशानिर्देश होगा, उस पर अमल किया जायेगा. गौरतलब है कि भाजपा के जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य और राज्य कमेटी के सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी के नेतृत्व में गुरुवार भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया. जिलाध्यक्ष श्री भट्टाचार्य ने बताया कि चुनाव आयोग आम जनता को अधिकार दिया है कि उनके विधानसभा क्षेत्र।में यदि गलत मतदाता चिन्हित करते हैं, तो उस मतदाता के खिलाफ फॉर्म सात भरकर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं. यह फॉर्म इआरओ, एइआरओ और बीएलओ किसी के पास भी जमा दिया जा सकता है. बुधवार से भाजपा कार्यकर्ता और साधारण नागरिक जब फॉर्म जमा देने के लिए इआरओ के पास गये, तो वह इसे लेने से अस्वीकर कर दिया. स्थानीय जो प्रशासनिक अधिकारी हैं, वो चुनाव आयोग का नियम नहीं मानकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश पर कार्य कर रहे हैं. फॉर्म सात जमा लेना होगा. बुधवार इआरओ फॉर्म जमा नहीं लिए, तो गुरुवार (आज) को जिलाधिकारी के पास फॉर्म जमा देने के लिए आये हैं. वे यदि इसे जमा नहीं लेते हैं, तो आंदोलन जारी रहेगा. सिर्फ यहीं नहीं, जिला के तीन विधानसभा क्षेत्र के लोग फॉर्म जमा देने के लिए इआरओ के पास गये हैं. यह प्रशासन तृणमूल के इशारों पर चल रहा है और बांग्लादेशी, रोहंगिया का नाम चुनाव तालिका में रहे, यही चाहते हैं और पश्चिम बंगाल को पश्चिम बांग्लादेश में बदलना चाहते हैं. ऐसा हमलोग कभी होने नहीं देंगे.

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