आसनसोल. रथयात्रा की पूर्व संध्या पर आसनसोल के प्रसिद्ध सीताराम बाबा मंदिर में बुधवार को पारंपरिक स्नान यात्रा श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित की गयी. इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का देश के विभिन्न तीर्थस्थलों से लाये गये पवित्र जल से विधिवत अभिषेक किया गया. सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी.
भगवान 15 दिनों तक अनसर रहेंगे
मंदिर की परंपरा के अनुसार हुआ आयोजनमंदिर के प्रधान पुजारी ने बताया कि सामान्यतः जगन्नाथ मंदिरों में स्नान यात्रा के बाद भगवान 15 दिनों तक अनसर (विश्राम) पर रहते हैं और मंदिर के कपाट बंद रहते हैं. लेकिन सीताराम बाबा मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं भी स्थापित होने के कारण कपाट पूरी तरह बंद नहीं रखे जा सकते. इसी परंपरा के तहत यहां रथयात्रा से एक दिन पहले स्नान यात्रा आयोजित की जाती है.
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मंदिर परिसर में उत्साह का माहौल
प्रधान पुजारी ने बताया कि विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक के बाद गुरुवार को भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथ पर सवार होकर मौसी के घर के लिए प्रस्थान करेंगे. उन्होंने कहा कि विभिन्न तीर्थस्थलों के पवित्र जल से होने वाला अभिषेक इस आयोजन का प्रमुख धार्मिक आकर्षण है. रथयात्रा को लेकर मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण और उत्साह का माहौल बना हुआ है.
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