चार संगठनों का जिलाधिकारी कार्यालय घेराव, आंदोलन तेज
भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा और राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा की ओर से गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया.
आसनसोल.
भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा, बहुजन क्रांति मोर्चा और राष्ट्रीय परिवर्तन मोर्चा की ओर से गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया गया. प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने पिछड़े, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक वर्गों को बुनियादी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिलने का आरोप लगाया.देशभर में एकसाथ घेराव का दावा
भारत मुक्ति मोर्चा के सदस्य उत्पल बाउरी ने कहा कि देश के 725 जिलों में एक साथ चारों संगठनों की पहल पर डीएम कार्यालयों का घेराव किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के करीब 75 साल बाद भी इन वर्गों को बुनियादी सुविधाएं और उनके अधिकार नहीं मिले हैं, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम की पूर्व सूचना 7 जनवरी को प्रशासन को दी गई थी.22 जनवरी को महारैली, 22 फरवरी को नागपुर कार्यक्रम
उत्पल बाउरी ने कहा कि 22 जनवरी को बीएनआर मोड़ से डीएम कार्यालय तक एक महारैली निकाली जाएगी. इसके साथ ही 22 फरवरी को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय के घेराव की घोषणा की गई है. उनका आरोप है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी देश के धरती पुत्रों के साथ भेदभाव कर रही है.ओडिशा अधिवेशन रोकने का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि ओड़िशा में प्रस्तावित भारत मुक्ति मोर्चा का राष्ट्रीय अधिवेशन सभी अनुमतियों के बावजूद नहीं होने दिया गया. उनका कहना है कि इसके पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और ओड़िशा की भाजपा सरकार जिम्मेदार है. वे लोग नहीं चाहते कि धरती पुत्र अपनी आवाज बुलंद करें. संगठनों ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और घोषित कार्यक्रम तय समय पर किये जायेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
