आसनसोल. पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाये जाने के आरोप को लेकर बुधवार को बर्नपुर स्थित रवींद्र भवन के सामने आवाज संगठन की ओर से विरोध-प्रदर्शन और जनसभा आयोजित की गयी. इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठायी.
नाम हटाने का कारण बताने की मांग
सभा को संबोधित करते हुए पार्थ घोष ने कहा कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते सहित सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाये जा रहे हैं. उन्होंने मांग की कि किसी भी व्यक्ति का नाम हटाने से पहले उसे लिखित सूचना और स्पष्ट कारण दिया जाये. साथ ही अपील की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाये, ताकि प्रभावित लोग अपना पक्ष रख सकें और आवश्यक दस्तावेज जमा कर नाम दोबारा शामिल करा सकें.
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लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा पर जोर
पार्थ घोष ने कहा कि संगठन का उद्देश्य चुनाव परिणाम पर नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक के संवैधानिक मतदान अधिकार की रक्षा पर केंद्रित है. उन्होंने मांग की कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने से पहले सभी नामों का उचित सत्यापन किया जाये और किसी का नाम हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर मिले. वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब हर पात्र नागरिक को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत मतदान का अधिकार मिले. संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जायेगा.
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