रघुनाथपुर के झाड़ूखामार में इको-फ्रेंडली फैक्टरी लगाने की मांग तेज
पुरुलिया.
जिले के रघुनाथपुर ब्लॉक–01 अंतर्गत नतुंडी पंचायत क्षेत्र के झाड़ूखामार गांव में प्रस्तावित उद्योग को लेकर विरोध तेज हो गया है. रविवार को गांव के करीब डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीणों ने बैठक कर अपनी चिंता जताई. बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं. ग्रामीणों का दावा है कि गांव के पास पहले से एक इस्पात कारखाना संचालित है, जिसके उत्पादन शुरू होने के बाद से इलाके में वायु प्रदूषण बढ़ा है. अब गांव से सटे क्षेत्र में एक और कारखाने का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है.
बिना जन-सुनवाई निर्माण का आरोप
ग्रामीण प्रकाश मंडल, शांतिप्रसाद मंडल समेत अन्य लोगों ने बताया कि विभिन्न स्रोतों से जानकारी मिली है कि गांव के बिल्कुल पास स्पंज आयरन कारखाना स्थापित किया जाने वाला है. उनका आरोप है कि पर्यावरण नियमों के तहत अनिवार्य जनसुनवाई किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया. ग्रामीणों ने कहा कि यदि स्पंज आयरन जैसे उद्योग लगाए गए तो प्रदूषण भयावह रूप ले सकता है और लोगों को गांव छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि जनबस्ती से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर कारखाने की सीमा दीवार खड़ी की जा रही है, जो नियमों की अनदेखी है. ग्रामीणों की मांग है कि पहले सार्वजनिक जनसुनवाई आयोजित की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन-सी कंपनी या संस्था किस प्रकार का उद्योग स्थापित कर रही है. उनका कहना है कि इलाके में केवल पर्यावरण-अनुकूल उद्योग ही लगाये जायें.
आंदोलन की चेतावनी, लोक-सुनवाई का प्रशासनिक भरोसा
इस बीच, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गयी, तो वे लोग व्यापक आंदोलन करेंगे. वहीं, प्रशासनिक सूत्रों की मानें, तो नतुंडी पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों में राज्य स्तर के निर्णय के तहत उद्योगों को जमीन आवंटित की गयी है. अधिकारियों का कहना है कि नयी फैक्टरी शुरू होने से पहले नियमों के अनुसार लोक-सुनवाई आयोजित की जायेगी, जिसमें स्थानीय लोग अपनी आपत्तियां व सुझाव दर्ज करा सकेंगे. फिलहाल मामले पर नजर रखी जा रही है.
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.