Kirti Azad Maithili Speech Durgapur| दुर्गापुर, अविनाश यादव : बंगाल चुनाव 2026 के सियासी संग्राम में मतदाताओं को रिझाने के लिए क्षेत्रीय और भाषाई जुड़ाव का खेल भी शुरू हो गया है. दुर्गापुर के नतून पल्ली (वार्ड नंबर 4) इलाके में एक अनूठा दृश्य देखने को मिला. दुर्गापुर पूर्व विधानसभा सीट से तृणमूल प्रत्याशी प्रदीप मजूमदार के समर्थन में आयोजित जनसभा में बर्धमान-दुर्गापुर के सांसद कीर्ति आजाद झा ने पूरी तरह ‘मैथिली’ में भाषण देकर बस्ती वासियों का दिल जीत लिया. कीर्ति आजाद ने जैसे ही मैथिली में बोलना शुरू किया, पूरा इलाका तालियों से गूंज उठा.
बस्ती में ‘दरभंगा’ का एहसास
नतून पल्ली बस्ती में करीब 300 से अधिक परिवार पिछले 5 दशकों से बसे हैं, जो मूल रूप से बिहार के दरभंगा और समस्तीपुर जिलों से हैं. मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले इन लोगों के बीच जब दरभंगा के ही रहने वाले सांसद कीर्ति आजाद पहुंचे, तो माहौल पूरी तरह घरेलू हो गया.
मातृभाषा में होती है अपनापन और शक्ति
कीर्ति आजाद ने कहा कि मातृभाषा में एक अलग तरह का अपनापन और शक्ति छिपी रहती है. मैंने बस्ती के लोगों से मैथिली में बात करके उन्हें उत्साहित किया और तृणमूल के पक्ष में वोट देने की अपील की. सांसद को अपनी भाषा में बात करते देख बस्ती वासियों की भारी भीड़ जमा हो गयी, जिससे चुनावी सभा एक पारिवारिक मिलन जैसी दिखने लगी.
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SIR पर भी क्षेत्र के लोगों से की बात
सांसद ने केवल भावनाओं का सहारा नहीं लिया, बल्कि बस्ती के लोगों की सबसे बड़ी चिंता एसआईआर (SIR) पर भी बात की. कीर्ति आजाद ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बस्ती के कई मतदाताओं के नाम काटे जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि पार्टी इस कानूनी लड़ाई में उनके साथ खड़ी है. उन्हें हरसंभव सहयोग मिलेगा, ताकि उनका लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रहे.
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दुर्गापुर पूर्व की सीट पर बढ़ी तपिश
प्रदीप मजूमदार के समर्थन में कीर्ति आजाद का यह मैथिली वाला दांव गेमचेंजर साबित हो सकता है. दुर्गापुर के औद्योगिक और श्रमिक अंचल में बिहार से आये मतदाताओं की संख्या निर्णायक है. कीर्ति आजाद ने अपनी इस सभा के जरिये न केवल तृणमूल के पक्ष में माहौल बनाया, बल्कि भाजपा के गढ़ में भाषाई आधार पर सेंध लगाने की भी कोशिश की है.
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