बीरभूम से मुकेश तिवारी की रिपोर्ट
बीरभूम जिले में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. लगातार हुई अतिवृष्टि के कारण सिउड़ी-2 प्रखंड के कोमा पंचायत अंतर्गत स्थित रबागान पुल पूरी तरह पानी में डूब गया. पुल के जलमग्न होते ही कई गांवों का मुख्य सड़क से संपर्क टूट गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
आवागमन पूरी तरह बंद
स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरी रात तेज बारिश होती रही. बारिश के कारण आसपास की नदियां, नाले और जल निकासी के स्रोत उफान पर आ गए.पानी का दबाव इतना अधिक था कि सुबह तक रबागान पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया. पुल के दोनों ओर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया और लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है.
रास्ता बंद होने से परेशान लोग
ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल से प्रतिदिन सैकड़ों लोग स्कूल, कॉलेज, बाजार और अस्पताल आने-जाने के लिए गुजरते हैं. पुल डूब जाने से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और दैनिक मजदूरों की सबसे अधिक परेशानी बढ़ गई है. कई लोगों को जरूरी काम होने के बावजूद घरों में ही रुकना पड़ा.
राहत एवं बचाव दल तैयार
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इलाके की निगरानी बढ़ा दी है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी हाल में जलमग्न पुल को पार करने का प्रयास न करें, क्योंकि तेज बहाव के कारण बड़ा हादसा हो सकता है. संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दल को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.
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ग्रामीणों में चिंता का माहौल
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों में चिंता का माहौल है. यदि आने वाले घंटों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है.
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