आसनसोल में भक्ति के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, मंत्री ने खींचा रथ

आसनसोल में इस्कॉन द्वारा भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा का आयोजन किया गया. हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और मंत्री अग्निमित्र पाल की भागीदारी ने इस धार्मिक उत्सव को और भी खास बनाया.

आसनसोल. इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस ( अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ ) (इस्कॉन) आसनसोल के तत्वावधान में गुरुवार को भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई. सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ नगर परिक्रमा पर निकले तो पूरा शहर "हरे कृष्ण, हरे राम" के संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जयघोष से गूंज उठा. हजारों श्रद्धालु रथ को खींचते हुए इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बने.

लगभग नौ किलोमीटर लंबी थी यात्रा

रथयात्रा का शुभारंभ पीएनटी (दुर्गा पेट्रोल पंप) मैदान से हुआ। वहां से यात्रा इस्माइल मोड़, एस.डी. अस्पताल मोड़, नूरुद्दीन रोड, जीटी रोड, शनि मंदिर, आसनसोल नगर निगम कार्यालय, महावीर मंदिर, हटन रोड मोड़, विधाननगर मोड़, डाक सिंह मोड़, कोर्ट मोड़ और चिता मोड़ होते हुए पोलो मैदान पहुंची, जहां धार्मिक कार्यक्रमों के साथ इसका समापन हुआ. लगभग नौ किलोमीटर लंबी इस यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ का पुष्पवर्षा और आरती के साथ स्वागत किया.

रथयात्रा का है आध्यात्मिक महोत्सव

कार्यक्रम के दौरान इस्कॉन के एक वरिष्ठ संत निरगुणानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि रथयात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि पूरी मानवता को जोड़ने वाला आध्यात्मिक महोत्सव है. उन्होंने कहा कि समय के साथ परिस्थितियां बदलती रहती हैं, लेकिन भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का संदेश कभी नहीं बदलता. यह यात्रा जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र और सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी लोगों को भगवान श्रीकृष्ण की शरण में आने का संदेश देती है. उन्होंने कहा कि "जो सभी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, वही कृष्ण हैं। रथयात्रा हमें प्रेम, सेवा, भाईचारे और विश्वबंधुत्व का संदेश देती है. भगवान जगन्नाथ का रथ हर व्यक्ति के लिए खुला है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है."

सात वर्ष पहले हुआ था मंदिर निर्माण

इस्कॉन आसनसोल के एक सेवादार दयाचंद निताई दास ने बताया कि इस वर्ष मंदिर स्थापना के सात वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूर्व में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि इस बार रथयात्रा महोत्सव को तीन दिवसीय स्वरूप दिया जाएगा. मायापुर धाम के पूज्य संतों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद में इस पूरे आयोजन की तैयारी की गई है. उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी इस आयोजन को और अधिक भव्य बना रही है तथा आने वाले वर्षों में इसे और भी व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना है.

मंत्री और विधायक भी हुए शामिल

रथयात्रा में आसनसोल दक्षिण की विधायक तथा महिला व बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्र पाल, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, बाराबनी के विधायक अरिजीत राय, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शहर के गणमान्य नागरिक तथा हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे. रथयात्रा का उद्देश्य केवल भगवान के विग्रह का नगर भ्रमण कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक घर और प्रत्येक व्यक्ति तक भक्ति, प्रेम और भगवान का संदेश पहुंचाना है. उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहभागिता और सहयोग के कारण ही यह आयोजन हर वर्ष और अधिक भव्य होता जा रहा है.

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मार्ग में उपलब्ध थी कई सुविधाएं

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छ पेयजल, नि:शुल्क पानी की बोतलों, चिकित्सा सहायता तथा स्वयंसेवकों की विशेष व्यवस्था की गई थी. प्रशासन और आयोजकों के सहयोग से रथयात्रा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई. भक्ति, संकीर्तन, नृत्य और भगवान जगन्नाथ के जयघोष के बीच निकली इस भव्य रथयात्रा ने पूरे आसनसोल को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की नगर परिक्रमा ने श्रद्धालुओं को प्रेम, सेवा, समरसता और मानवता का संदेश दिया.

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Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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