बंगाल: पानागढ़ के कबाड़ी मार्केट में काम बंद, जलजमाव से तंग मजदूरों ने सड़क पर रोपा धान

पश्चिम बर्दवान जिले के कांकसा स्थित पानागढ़ के कबाड़ी मार्केट में गंभीर जलजमाव की स्थिति है. लगातार हो रही बारिश और जलनिकासी की व्यवस्था न होने से नाराज़ मजदूरों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रतीकात्मक रूप से सड़क पर धान की रोपाई कर अपना आक्रोश जताया.

कांकसा (पश्चिम बर्धमान) से शिव शंकर ठाकुर की रिपोर्ट

पश्चिम बर्धमान जिले के कांकसा स्थित पानागढ़ के कबाड़ी (कबाड़ी) मार्केट में लगातार हो रही बारिश के बाद गंभीर जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है. मंगलवार को जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से नाराज़ मजदूरों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रतीकात्मक विरोध के रूप में सड़क पर धान की रोपाई कर अपना आक्रोश जताया. फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

स्थानीय लोगों में आक्रोश

स्थानीय मजदूर कौशिक मंडल ने आरोप लगाया कि लंबे समय से जलनिकासी की समस्या बनी हुई है. कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत को शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. उन्होंने कहा कि मजबूर होकर मजदूरों ने काम बंद किया है और प्रतीकात्मक विरोध के रूप में सड़क पर धान की रोपाई कर अपना आक्रोश जताया. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस वर्षों पुरानी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं.

15 वर्षों से परेशान हैं लोग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह समस्या नई नहीं है. पिछले करीब 15 वर्षों से हर मानसून में पूरा मार्केट और आसपास की सड़कें पानी में डूब जाती हैं. जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दुकानदारों, मजदूरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. उनका कहना है कि पहले भी कई बार प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला.

गंदे पानी में काम करने से हो रहे बीमार

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि गंदे पानी में घंटों काम करने के कारण उन्हें त्वचा संबंधी संक्रमण, पैरों में घाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उनका साफ कहना है कि जब तक जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होती और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया जाता, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे. मजदूरों ने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान होने तक मार्केट के भीतर किसी को प्रवेश भी नहीं करने दिया जाएगा.

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तीन-चार वर्षों से स्थिति और हुई गंभीर

स्थानीय दुकानदार मोहम्मद मासूक आलम ने बताया कि पिछले तीन-चार वर्षों से स्थिति और गंभीर हो गई है. उन्होंने कहा कि दुकानदार मजदूरों के साथ खड़े हैं और जरूरत पड़ने पर ड्रेन निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग देने को भी तैयार हैं. उनका आरोप है कि जमीन और मार्केट से जुड़े कुछ मालिक इस काम में सहयोग नहीं कर रहे, जिसके कारण समाधान नहीं निकल पा रहा है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल ड्रेनेज व्यवस्था बनाने की मांग की.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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