आसनसोल से केआर राम की रिपोर्ट
आसनसोल रेल मंडल अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध कराने में कथित देरी को लेकर बुधवार को विवाद खड़ा हो गया. आसनसोल रेल मंडल के टीआरडी विभाग में कार्यरत कुमारडूबी निवासी रेलकर्मी शाहिद हुसैन की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. घटना के बाद ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के सदस्यों और रेलकर्मियों में आक्रोश फैल गया.
सीने में दर्द के बाद बिगड़ी थी तबीयत
बताया गया कि शाहिद हुसैन को अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई थी. उनकी हालत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता महसूस हुई. आरोप है कि उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने के लिए आसनसोल रेल मंडल अस्पताल से एंबुलेंस भेजने की मांग की गई, लेकिन कथित तौर पर समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई.
समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप
इसी दौरान शाहिद हुसैन की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई. कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद सहकर्मियों और यूनियन नेताओं में नाराजगी बढ़ गई. रेलकर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की.
शव रखकर प्रदर्शन
घटना के विरोध में ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन के सदस्यों और रेलकर्मियों ने रेल मंडल अस्पताल के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस जैसी बुनियादी चिकित्सा सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं होना गंभीर लापरवाही का मामला है. प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि एंबुलेंस उपलब्ध कराने में देरी क्यों हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था.
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आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी
यूनियन की ओर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय करने की मांग की गई है. प्रदर्शन के दौरान अस्पताल परिसर के बाहर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. हालांकि, एंबुलेंस उपलब्ध कराने में देरी के आरोपों और घटना के पूरे क्रम को लेकर रेल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है.
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